नई दिल्ली। चुनाव आयोग (ECI) ने भीषण गर्मी के बीच चुनाव कराने को गलती माना है। साथ ही यह भी स्वीकार किया है कि चुनाव गर्मी के मौसम में नहीं कराए जाने चाहिए। खास बात यह है कि आयोग ने 7 चरणों में मतदान कराने का फैसला किया था, जो 19 अप्रैल से शुरू होकर 1 जून तक करीब 45 दिनों तक चले। लोकसभा चुनाव परिणाम कल यानि 4 जून को आएंगे।

कम मतदान की गर्मी भी एक वजह…

7 चरणों के मतदान का दौर समाप्त होने के बाद और मतगणा के एक दिन पहले मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने आम चुनाव से जुड़े सवालों के खुलकर जवाब दिए। उन्होंने कहा कि चुनावों से सबसे बड़ी सीख यही मिली है कि यह प्रक्रिया गर्मी के पहले पूरी हो जानी चाहिए। खास बात है कि शुरुआती चरणों में हुए कम मतदान की एक वजह गर्मी को भी माना गया था।

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कांग्रेस नेता जयराम के आरोपों का दिया जवाब

राजीव कुमार ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश के आरोपों का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 150 कलेक्टरों को कॉल किया था। सीईसी ने कहा, ‘…क्या उन सभी (DM/रिटर्निंग अधिकारियों) को कोई प्रभावित कर सकता है। हमें बताएं कि ऐसा किसने किया है। हम उस व्यक्ति को सजा देंगे, जिसने ऐसा किया है…। आप सभी पर संदेह करें और अफवाह फैलाएं, ये सही नहीं है।’

चुनाव के आखिरी दिन 58 कर्मियों की हुई मौत…

गौरतलब है कि इस बार गर्मी ने इतना रिकॉर्ड तोड़ा है कि अबतक देशभर से कई लोग इसकी चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं। उधर देश में शनिवार को आखिरी चरण के मतदान के दौरानकुल 58 कर्मचारियों की मौत हो गई इनमें सबसे ज्यादा जान उत्तर प्रदेश में गईं हैं। यहां कुल 33 मतदानकर्मियों की गर्मी की वजह से मौत हुई।

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