टेक डेस्क। आने वाले समय में मोबाइल और लैंडलाइन नंबर का इस्तेमाल करना महंगा हो सकता है। इसका कारण यह है कि टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई ने मौजूदा और नए अलॉट नंबरों का विवेकपूर्ण और कुशल उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कंपनियों पर शुल्क लगाने का प्रस्ताव पेश किया है।

दरअसल कुछ ऐसी रिपोर्ट्स सामने आ रही है जिसमें यह कहा जा रहा है कि TRAI जल्द ही सिम कार्ड के नियमों में बदलाव कर सकती है। अगर बिना जररूत के कोई फोन में दो सिम कार्ड इस्तेमाल करता है तो उससे एक्स्ट्रा चार्ज लिया जा सकता है। मतलब अगर सिर्फ एक ही सिम इस्तेमाल करते हैं लेकिन, फोन में दो सिम लगे हुए हैं तो आपको एक्स्ट्रा पैसे देने पड़ सकते हैं। ग्राहकों से यह चार्ज मंथली या फिर सालाना हो सकता है। 

ऐसा होने पर कंपनियां इस शुल्क का बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं। ट्राई ने इस प्रस्ताव पर सभी हितधारकों से प्रतिक्रिया मांगी है। आपको बता दें कि इससे पहले ट्राई ने हर संस्थान के लिए एक अलग कोड वाले मोबाइल नंबर लाने का प्रस्ताव रखा था।

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ट्राई ने अपने हालिया परामर्श पत्र ‘राष्ट्रीय नंबरिंग योजना का संशोधन’ में कहा है कि नंबर एक बेहद मूल्यवान सार्वजनिक संसाधन है और इनकी संख्या असीमित नहीं है। अभी तक मोबाइल और लैंडलाइन सेवाओं के लिए नंबर कंपनियों को निशुल्क आवंटित किए जाते हैं।

ट्राई ने यह भी संकेत दिया है कि वह उन कंपनियों पर वित्तीय जुर्माना लगाने पर विचार करेगा जो आवंटित नंबरों को एक निर्धारित समयसीमा से अधिक समय तक उपयोग में नहीं लाते हैं। नंबर देने का स्वामित्व सरकार के ही पास है।