राजनांदगांव। राज्य शासन ने डोंगरगढ़ के एसडीएम उमेश पटेल को मंत्रालय भेज दिया है। मुड़पार में करोड़ों रुपए के रेत के अफरा-तफरी के मामले में नाम उछलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। उनके ऊपर सप्लायरों के साथ कथित रूप से सांठगांठ का आरोप था। बताया जाता है कि इस मामले में राज्य सरकार को लाखों रुपए का राजस्व का नुकसान हुआ।

कांग्रेस पार्टी ने किया था धरना प्रदर्शन

डोंगरगढ़ के मुड़पार में 800 ट्रक रेत को बेचे जाने के मामले में कांग्रेस ने एसडीएम पर भी आरोप लगाए थे। एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन और आंदोलन भी किया था। इस पर जिला स्तर पर कमेटी बनाकर जांच की गई। हालांकि इसके बाद भी एसडीएम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके चलते आंदोलन चल रहा था। इस बीच राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर उमेश पटेल को मंत्रालय भेज दिया है।

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रेत की जब्ती के बाद अफरा-तफरी का लगा आरोप

गौरतलब है कि डोंगरगढ़ के मुड़पार, जामरी और पारागांव में किसानों द्वारा डंप की गई हजारों घनमीटर रेत को एसडीएम उमेश पटेल ने जब्त कर लिया था। जब्ती के बाद इसे खनिज महकमे के सुपुर्द किए जाने की बजाय बिना नीलामी सप्लायरों को बेच दिया था। मामले के सामने आने के बाद कांग्रेस ने इस आशय की शिकायत भी की थी।

सप्लायरों पर लगा करोड़ों का अर्थदंड

प्रशासन ने अपनी जांच में एसडीएम उमेश पटेल को क्लीनचिट देते सप्लायरों पर सवा छह करोड़ रुपए का अर्थदंड भी अधिरोपित किया है।

बताया जाता है कि मामले की शिकायत जिले के भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार से की थी। इसके बाद राज्य सरकार ने बुधवार को डोंगरगढ़ एसडीएम उमेश पटेल को राजनांदगांव जिले से हटाते मंत्रालय में अवर सचिव के पद पर पदस्थ किया है। वहीं उनकी जगह राजनांदगांव जिला कार्यालय में पदस्थ खेमलाल वर्मा को डोंगरगढ़ एसडीएम का प्रभार दिया गया है।

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