रायपुर। पीएससी घोटाले की सीबीआई ने पीएससी के पूर्व अफसरों के यहां छापेमारी के बाद दफ्तर में भी जांच की। पता चला है कि सीबीआई ने पीएससी के परीक्षा विभाग के अफसरों से पूछताछ की है, और दस्तावेज भी हासिल किये हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक नवा रायपुर स्थित पीएससी दफ्तर में CBI की टीम पहुंची थी। यहां सीबीआई अफसरों ने पीएससी की परीक्षा नियंत्रक लीना कोसम और अन्य अफसरों से पूछताछ की है। सीबीआई की टीम ने वर्ष-2020 से लेकर 2022 तक भर्ती परीक्षाओं की जानकारी ली है। इस दौरान सहायक प्राध्यापकों की भर्ती हुई थी। इसमें भी अनियमितता को लेकर आरोप लगे थे।

परीक्षा से संबंधित रिकॉर्ड किये हासिल

अपनी जांच तेज करते हुए सीबीआई ने सारी भर्ती परीक्षाओं के रिकॉर्ड जुटाए हैं। बता दें कि पीएससी-2021 भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप के बाद परीक्षा से जुड़े सारे दस्तावेज पहले से ही सील कर दिए गए थे। इससे परे सीबीआई की टीम तत्कालीन पीएससी सचिव जेके ध्रुव के घर में करीब 3 घंटे रहने के बाद निकल गई। पूछताछ में क्या कुछ जानकारी मिली है, यह साझा नहीं किया गया है।

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चयनित अभ्यार्थियों से भी होगी पूछताछ…

इससे पूर्व सीबीआई की टीम ने तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के बोरियाकला स्थित निवास पर भी दबिश दी है। जांच पड़ताल जारी है। चर्चा है कि सीबीआई टीम पीएससी-2021 में चयनित अभ्यार्थियों से भी पूछताछ करेगी।

क्या है CBI के FIR में..?

CBI के FIR में कहा गया है कि पीएससी के तत्कालीन उक्त पदधारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने बेटे, बेटियां, रिश्तेदारों तथा अन्य संबंधितों को फायदा पहुंचाया है। चेयरमैन सोनवानी के बेटे को डिप्टी कलेक्टर, उसके भाई के बेटे को डीएसपी, उनकी बहन की बेटी को लेबर अफसर, बेटे की पत्नी को डिप्टी कलेक्टर और भाई की बहू का जिला आबकारी अधिकारी के रूप में चयन करवाने का आरोप है।

यही नहीं, पीएससी सचिव ध्रुव के बेटे का भी डिप्टी कलेक्टर पद के लिए चयन हुआ है। सीबीआई में दर्ज एफआईआर में यह आरोप भी है कि इनके अलावा छत्तीसगढ़ के कुछ और बड़े अफसरों, नेताओं और प्रभावशाली लोगों के बच्चों का पीएससी में चयन हुआ है।

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