नोएडा। देशभर में अब तक खबर आती रही है कि फलाने गांव या शहर के रहने वाले अमुक व्यक्ति को साइबर ठगों ने निशाना बना लिया और इस ठगी में लाखों रुपये या करोड़ों रुपये उड़ा लिए गए। लेकिन इस समय एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें बैंक से ही ठगी हो गई है। जी हां, दिल्ली एनसीआर (NCR) में ऐसा ही एक मामला आया है। इसमें साइबर ठगों ने बैंक के सर्वर को हैक कर लिया और 16 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिया।

बैंक के सिस्टम में की सेंधमारी

उत्तर प्रदेश के नोएडा में बैंक से फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। साइबर फ्रॉड गिरोह ने बैंक के सिस्टम में सेंधमारी कर ठगी की वारदात को अंजाम दिया। सेक्टर 62 स्थित बैंक का सिस्टम हैक कर 16 करोड़ एक लाख 83 हजार 261 रुपये निकाले का मामला सामने आया है। कई दिनों तक बैलेंस शीट का मिलान सही न हो पाने की वजह से बैंक ने मामले की जांच की। इसको लेकर बैंक के आईटी मैनेजर ने साइबर क्राइम थाने के साथ ही सर्ट- इन (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) और अन्य बड़ी एजेंसियों से मामले की शिकायत की है।

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पुलिस को दी गई शिकायत में सुमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वह सेक्टर 62 स्थित नैनीताल बैंक में आईटी मैनेजर हैं। उन्होंने बताया कि उनके बैंक में 17 जून को रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) खाते के नियमित समाधान के दौरान बैलेंस सीट में 3 करोड़ 60 लाख 94 हजार 20 रुपये का अंतर पाया गया। इसके बाद आरटीजीएस टीम ने स्ट्रक्चर्ड फाइनैंशिल मैसेजिंग सिस्टम (एसएफएमएस) सर्वर के साथ कोर बैंकिंग सिस्टम (सीबीएस) में लेनदेन की जांच किया।

खातों को फ्रीज करने के निर्देश

इस दौरान पाया गया कि सीबीएस (कोर बैंकिंग सिस्टम) और स्ट्रक्चर्ड फाइनैंशयल मैसेजिंग सिस्टम (एसएफएमएस) में कुछ खामियां हैं। इसके बाद 18 जून को आरबीआई बैलेंस सीट में 2,19,23,050 का अंतर पाया गया। जांच में आरबीआई प्रणाली में 16,95,33,221.11 बैंक सीबीएस के साथ-साथ एसएफएमएस में नहीं दिख रहे थे। इस दौरान पता चला कि बैंक से 84 बार लेनदेन धोखाधड़ी के जरिए हुए हैं। धोखाधड़ी से ट्रांसफर की गई रकम को फिर से वापस पाने के लिए संबंधित बैंकों को ई-मेल भेजकर खातों को फ्रीज करने के लिए कहा गया है।

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कई राज्यों में ट्रांसफर की गई है रकम

जांच में पता चला है कि साइबर ठगों द्वारा फर्जी खाते पश्चिम बंगाल, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित अन्य जगहों पर खुलवाए थे। इस मामले में जांच के लिए साइबर क्राइम ने दो टीमों का गठन किया है, जो हर बारीक पहलू को खंगाल रही हैं। इस प्रकरण में अब बैंक के खाते किराए पर देने वाला गैंग साइबर क्राइम थाने के निशाने पर है। उनके डाटा जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा