रायपुर। छत्तीसगढ़ में पहली बार प्रदेश के 30 से अधिक पत्रकार , मीडिया कर्मियों के संगठन एक मंच पर आएंगे और पत्रकारों के हित में एकजुटता का परिचय देंगे। यह ऐतिहासिक पत्रकार महासभा 2 अक्टूबर 2024 को रायपुर के गॉस मेमोरियल ग्राउंड, आकाशवाणी चौक में आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों पत्रकारों के आने की सूचना मिल रही है।

पत्रकारों की एकजुटता तथा देश में निर्भीक पत्रकारिता के लिए वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में पहली बार लगभग सभी पत्रकार संगठन पत्रकार हितों के लिए एक मंच पर आ कर संकल्प लेंगे। इस महासभा का एक उद्देश्य छत्तीसगढ़ के पत्रकारों का हित संवर्धन तथा पत्रकारिता के भविष्य को बेहतर बनाना भी है। यह आयोजन पत्रकारों के अधिकारों की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम मील का पत्थर साबित होगा ।

महासभा में पत्रकारों के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर चर्चा होगी और उनके समाधान के लिए समूह तथा रणनीतियाँ बनाई जाएंगी। जिसके अंतर्गत भविष्य में सामूहिक प्रयासों से स्वास्थ्य बीमा, पीड़ित पत्रकारों को कानूनी, आर्थिक मदद तथा पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों को सम्मानित करने की योजनाएं बनाई जाएंगी ।
सुदूर सरगुजा संभाग के अंबिकापुर, कोरिया, बलरामपुर जिलों के साथ साथ दूरस्थ दक्षिणी जिले सुकमा बीजापुर तक के पत्रकार राजधानी रायपुर में पत्रकारिता संकल्प के लिए 2 अक्टूबर 2024 को एकत्र हो रहे हैं। प्रदेश के कोने कोने में ब्लॉक, तहसील , जिला मुख्यालयों के पत्रकारों में इस आयोजन को ले कर व्यापक चेतना तथा उत्साह का वातावरण बना हुआ है। देश की राजधानी दिल्ली तथा अन्य राज्यों के वरिष्ठ पत्रकारों में भी इस आयोजन की चर्चा है , जिसमें विभिन्न पत्रकार संगठनों के सामूहिक मंच ” संयुक्त पत्रकार महासभा” की पहल पर होने वाले”पत्रकारिता संकल्प” की व्यापक प्रतिक्रिया है। देश में पहली बार किसी राज्य में ऐसा आयोजन हो रहा है जिसमें अलग अलग पहचान रखने वाले विभिन्न पत्रकार संगठन पत्रकारों के व्यापक हितों को प्राथमिकता देते हुए एक मंच पर एकत्र हो रहे हैं।

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इस आयोजन में छत्तीसगढ के पीड़ित प्रताड़ित ऐसे पत्रकार जिनकी खबरों के कारण उनके खिलाफ़ शासन- प्रशासन, प्रबंधन या आपराधिक माफियाओं द्वारा हमले, एफआईआर तथा द्वेषपूर्ण कानूनी कार्यवाही की गई है। वे सभी अपने अपने मामले महासम्मेलन में उपस्थित प्रदेश भर से आए पत्रकारों के समक्ष मंच में रखेंगे।
सम्मेलन के दूसरे सत्र में छत्तीसगढ में कार्यरत, कार्यक्रम में सहभागी विभिन्न पत्रकार संघ, संगठन के प्रमुख अपने अपने उद्देश्य,कार्य,अनुभव मंच से साझा करेंगे। पत्रकारों के हितों के लिए सरकार द्धारा अब तक घोषित तथा क्रियान्वित योजनाओं की इसी मंच पर सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया होगी।

इस सोशल आडिट से पत्रकारों की अधिमान्यता, सम्मान निधि, आर्थिक सहायता, चिकित्सकीय सहायता, भ्रमण तथा प्रशिक्षण के मुद्दों पर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए पत्रकार जिलों की वास्तविक स्थितियों को मंच के समक्ष रखेंगे। इस तरह लोकतांत्रिक प्रक्रिया से प्रदेश में पत्रकारों के लिए की गई व्यवस्थाओं पर चर्चा होगी। इस महासम्मेलन में भागीदारी के लिए प्रदेश के विभिन्न प्रेस क्लब तथा जिला पत्रकार संघों को भी आमंत्रित किया गया है ,जैसे रायपुर प्रेस क्लब, बेमेतरा प्रेस क्लब, कोंडागांव प्रेस क्लब, महासमुंद प्रेस क्लब, कुम्हारी प्रेस क्लब, दुर्ग प्रेस क्लब, कांकेर जिला पत्रकार संघ तथा अन्य जिलों के प्रेस क्लब आमंत्रित हैं। पत्रकारिता संकल्प में छत्तीसगढ के सभी प्रेस क्लब तथा पत्रकार संगठनों ने व्यापक भागीदारी की सूचना दी है।

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आयोजन में सहभागी संगठन

इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन, इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किग जर्नलिस्ट्स, छत्तीसगढ श्रमजीवी पत्रकार संघ ( पंजीयन क्रमांक 617), पत्रकार कल्याण महासंघ, पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ, स्टेट वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन, छत्तीसगढ जर्नलिस्ट यूनियन, छत्तीसगढ सक्रीय पत्रकार संघ, छत्तीसगढ प्रेस वेलफेयर एसोसिएशन, अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति, प्रेस क्लब ऑफ वर्किग जर्नलिस्ट (PCWJ) , आदर्श पत्रकार संघ, सद्भावना पत्रकार संघ, छत्तीसगढ़ प्रेस क्लब, छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ, भारतीय पत्रकार संघ, द जर्नलिस्ट एसोसिएशन, मीडिया पत्रकार मंच, छत्तीसगढ लघु समाचार संपादक संघ , अखिल भारतीय पत्रकार एवं संपादक एसोसिएशन,पत्रकार प्रेस महासंघ, प्रदेश पत्रकार यूनियन,छत्तीसगढ़ मीडिया एसोसिएशन, राष्ट्रीय पत्रकार मोर्चा, पत्रकार जनकल्याण समिति, प्रेस एंड मीडिया वेलफेयर एसोसिशन

राज्य स्तर पर संचालन समिति ने प्रदेश के पत्रकारों से निवेदन किया है कि अधिक से अधिक संख्या में 2 अक्टूबर को रायपुर में उपस्थित रहें और इस विशाल मुहिम में अपनी सहभागिता दिखाएं। पत्रकारिता को मजबूत बनाने के लिए एकजुट हों और अपने अधिकारों की लड़ाई में सफलता प्राप्त करें।

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अधिकतम पत्रकारों की उपस्थिति से पत्रकारिता की ताकत बढ़ेगी और हमारे समाज में पत्रकारों की भूमिका को मजबूती मिलेगी। यह एक ऐतिहासिक अवसर है, जहां पत्रकार एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।