अंबिकापुर। जमीन के दस्तावेज दुरुस्त करने के लिए पटवारी ने एक शख्स से रिश्वत मांगी। उसने किसी तरह ढाई हजार रूपये का इंतजाम किया और पटवारी को दे दिए। शेष रकम 8500 के लिए उसने जिले के कलेक्टर को पत्र सौंपा और मामले का विवरण लिखते हुए उधार में रूपये मांगे, जिसे उसने महीने भर में वापस करने का वादा भी किया है।

लोगों की समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए राज्य सरकार ने जिलों को शिविर लगाने के निर्देश दिए है। जनदर्शन के नाम से लगने वाले इन शिविरों में बड़ी संख्या में लोग अपने आवेदनों के साथ पहुंचते हैं और प्रशासन के अधिकरियों के सामने अपनी समस्याएं रखते हैं। इसी कड़ी में सरगुजा जिला प्रशासन के जनदर्शन में एक अनोखा मामला सामने आया है।

युवक ने लिखा अजीबोगरीब पत्र..

दरअसल जिला प्रशासन के जनदर्शन में एक युवक ने अपने आवेदन में जिला कलेक्टर विलास भोस्कर से 8500 रुपये उधार देने की मांग की है। युवक ने अपने आवेदन में बताया है कि इस रकम से वह पटवारी को रिश्वत देगा। आवेदक का नाम मुस्तकीम बताया जा रहा है। वह अंबिकापुर के मोमिनपुरा का रहने वाला है।

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अपने आवेदन में मुस्तकीम ने लिखा है कि, मैने तहसीलदार अंबिकापुर, जिला सरगुजा के समक्ष दिनांक 28.06.2024 को अम्बिकापुर स्थित भूमि, खसरा क्रमांक-4658/1, 4655, 4658/4 4654/1 के राजस्व अभिलेख में से सहमति पत्र इकरारनामा के आधार पर सार्वजनिक सड़क का नक्शा दूरूस्त किये जाने हेत आवेदन पत्र जमा किया। यह पत्र न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी अंबिकापुर, जिला सरगुजा के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जो जांच हेतु न्यायालय तहसीलदार, अंबिकापुर को प्रेषित हुआ। न्यायालय के द्वारा दिनांक 15.07.2024 को ईस्तेहार एंव ज्ञापन जारी किया गया था, हल्का पटवारी को ज्ञापन जारी हुये 3 माह हो गये, आज तक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया, उलटे इसे प्रस्तुत करने के एवज में 10,000 /- रूपये की रिश्वत मांगी गयी, जिसमें से हल्का पटवारी श्रवण पाण्डेय 2500/-रूपये रिश्वत ले लिया है, और वह 8,500/-रूपये और मांग रहा है। मैं गरीब आदमी हूं, रिश्वत देने में असमर्थ हूं, मुझे 8,500/- रूपये उधारी प्रदान किया जाये, मैं एक माह बाद उधार की रकम वापस कर दूंगा।

लोक सेवा गारंटी कानून के तहत कार्रवाई की भी मांग

मुस्तकीम नामक शख्स ने जहां एक ओर कलेक्टर से रिश्वत के लिए रूपये उधार मांगे हैं, वहीं उसने यह भी बताया है कि उसके आवेदन पर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जारी समय सीमा के अंदर काम नहीं किया गया, अतः पटवारी श्रवण पांडेय के ऊपर 25 हजार रूपये का जुर्माना लगाया जाये, साथ ही उससे रिश्वत की रकम 2500 रूपये भी वापस दिलाई जाये।

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आखिर में मुस्तकीम ने इस मामले में पटवारी के ऊपर विधिवत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि लाल स्याही से उसका नक्शा दुरुस्त करते हुए प्रतिवेदन यथाशीघ्र प्रस्तुत किये जाने की कृपा करें।

एक तीर से दो निशाने

जनदर्शन में मुस्तकीम का दिया हुआ पत्र पढ़कर जिले के कलेक्टर विलास भोस्कर हैरान रह गए। हालांकि वे यह भी समझ गए कि इस पत्र के जरिये मुस्तकीम ने भले ही रिश्वत की रकम देने के लिए उधार की रकम मांगी है, मगर वह असल में पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत करते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई चाहता है। उन्होंने तत्काल यह पत्र SDM के सुपुर्द किया और जांच कर कार्रवाई करने को कहा।

‘मेरा काम हो तो पटवारी पर कार्रवाई नहीं चाहता’

कलेक्टर से मिलने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुस्तकीम ने कहा कि उसकी जमीन राइस मिल के पीछे है और वह 15 फिट सड़क चाहता है। इसके लिए उसने जमीन के नक्शे को दुरुस्त करने की मांग की है। अपने इस काम को कराने के लिए उसे काफी परेशानी हो रही है। उसने कहा है कि कलेक्टर अगर उसे उधार में रकम दें तो वह मजदूरी करके उन्हें रूपये वापस कर देगा। पटवारी के खिलाफ कार्रवाई की बात पूछने पर मुस्तकीम ने बड़ी ही साफगोई से कहा कि पटवारी अगर उसका काम कर दे तो वह उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं चाहेगा।

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जांच के बाद होगी कार्रवाई : SDM

SDM फगेश सिंह ने इस मामले की चर्चा करते हुए मीडिया को बताया कि मुस्तकीम के पत्र से जो जानकारी मिली है, उसकी जांच की जाएगी। अगर रिश्वत मांगे जाने की बात सही निकली तो कार्रवाई की जाएगी।

बहरहाल मुस्तकीम का जिला कलेक्टर को लिखा गया पत्र अंबिकापुर शहर में चर्चा का विषय बन गया है, वहीं राजस्व महकमे में अफरा-तफरी का माहौल है। इलाके के पटवारी और अन्य अधिकारी इस बात से डरे हुए हैं, कि अभी एक व्यक्ति ने शिकायत की है, उसका अनुकरण करते हुए दूसरे लोग भी शिकायत करने लगें तो क्या होगा ?