छत्तीसगढ़ में तंत्र-मंत्र के चक्कर में दो जानें गई, सायनाइड पिलाकर तांत्रिक ने मार डाला

नेशनल डेस्क। केरल के कोझिकोड़ में हुआ कूडाथायी साइनाइड केस आज भी कई लोगों के मन में खौफ और हैरानगी पैदा करता है। जब भी इस मामले का उल्लेख किया जाता है, तो जुर्म की वह भयानक कहानी सामने आती है, जिसने सभी को सन्न कर दिया था। यह केस ने न केवल केरल, बल्कि पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।

14 साल में 6 हत्याएं
यह केस जुड़ा है जॉली जोसेफ से, जिसने अपने ही परिवार के छह सदस्यों की बेरहमी से हत्या की। जॉली ने 2002 से 2016 के बीच इन हत्याओं को अंजाम दिया, जिसमें उसकी दो साल की बेटी भी शामिल थी। हत्याओं को अंजाम देने के लिए साइनाइड का इस्तेमाल किया गया, जिस कारण इन मौतों को सामान्य समझा गया था। इसलिए इस मामले को ‘कूडाथायी साइनाइड केस’ नाम दिया गया।

जॉली जोसेफ एक साधारण महिला थी, जो 12वीं कक्षा तक पढ़ी थी और कोझिकोड़ एनआईटी में प्रोफेसर के तौर पर काम करती थी। जिस तरीके से उसने इन हत्याओं को अंजाम दिया, वह बिल्कुल सोच-समझकर और पूरी तरह से योजनाबद्ध था। कोई भी व्यक्ति यह संदेह नहीं कर सका कि जॉली इस जघन्य अपराध की दोषी हो सकती है, और उसने एक-एक कर अपने परिवार के सभी सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया।

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उसके द्वारा मारे गए परिवार के सदस्य थे- उसका पति रॉय थॉमस, सास अन्नम्मा थॉमस, ससुर टॉम थॉमस, अन्नम्मा के भाई मैथ्यू मंचाडियिल, उनके दूसरे पति शाजू की पहली पत्नी सिली और अपनी खुद की बेटी अल्फिने।

अब सवाल यह उठता है कि उसने ऐसा क्यों किया और कैसे पकड़ी गई? यह मामला तब सामने आया जब 2019 में ससुर टॉम थॉमस के दूसरे बेटे, रोजो थॉमस ने परिवार के सदस्यों की संदिग्ध मौतों पर शक जताया और पुलिस से शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की और परिवार के मृतकों की कब्रें खोलीं, ताकि पोस्टमार्टम किया जा सके।

पोस्टमार्टम के दौरान यह साबित हुआ कि इन मौतों में कोई सामान्यता नहीं थी, बल्कि यह सभी हत्याएं थीं। 2019 में जॉली जोसेफ को गिरफ्तार कर लिया गया और जांच में यह खुलासा हुआ कि उसे साइनाइड उसके रिश्तेदार एम.एस. मैथ्यू से मिलता था।

जॉली ने इन छह हत्याओं के बावजूद, पांच मामलों में मृतकों का पोस्टमार्टम नहीं करवाया, ताकि उसका राज न खुल सके। केवल रॉय थॉमस का पोस्टमार्टम हुआ, जिसके बाद जॉली पर शक गहरा गया। उसने इतनी चतुराई से इन हत्याओं को अंजाम दिया कि कई सालों तक किसी को भी इसके बारे में जानकारी नहीं हो सकी। यह मामला सिर्फ एक हत्यारे की मानसिकता को ही नहीं, बल्कि यह भी साबित करता है कि अपराधियों की योजनाएं कितनी सुनियोजित और जटिल हो सकती हैं, जिससे उन्हें पकड़ पाना मुश्किल होता है।

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तंत्र-मंत्र के चक्कर में उलझे दो, तांत्रिक ने सायनाइड पिलाकर मार डाला
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे नवा रायपुर और अभनपुर में दो लोगों की सायनाइड पिलाकर हत्या कर दी गई। आरोपी सुखवंत ने हत्या करने के लिए 9,600 रूपए में ऑनलाइन सायनाइड मंगवाया था। आरोपी ने 27-28 नवंबर की रात नवा रायपुर के रहने वाले हंसाराम साहू और अभनपुर के नरेंद्र साहू की हत्या की थी, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह उन लोगों से उनकी गरीबी दूर करने कछुए से पैसे निकालने जैसे तंत्र-मंत्र का झांसा दिया। वह अपनी कहानियों में उलझाकर उनसे पैसा लिया और पैसे वापस ने करना पड़े इसलिए दोनों की हत्या कर दी।

पुलिस ने बताया कि रूद्री में सुखवंत ने अपने जिस साथ ही हत्या की, उसी की बाइक लेकर वह रायपुर के निकल गया। रायपुर पहुंचकर उसने हंसाराम की हत्या की और उसके बाद उसने नरेंद्र को पैसे वापस लौटाने की बात कहकर खेत में बुलाया। जब नरेंद्र वहां पहुंचा तो आरोपी सुखवंत ने उसे तंत्र-मंत्र की बातों में उलझाकर गंगाजल पिलाया, जिसमें पहले से उसने सायनाइड मिलाकर तैयार किया था।

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सावधान इंडिया देखकर बनाया हत्या का प्लान
आरोपी तांत्रिक सुखवंत ने सावधान इंडिया देखकर सायनाइड का उपयोग कर हत्या करने का प्लान बनाया। वह अपने दोस्त वीरेंद्र देवांगन को साथ ही रखता था। नवा रायपुर में रहने वाले हंसाराम साहू ने तांत्रिक की बात पर नोटों की बारिश कराने के लिए उसे डेढ़ लाख रुपए देकर घर में पूजा कराने बुलाया था। आरोपी अपने साथी वीरेंद्र के साथ हंसराज के घर पहुंचा। पूजा के बाद तांत्रिक ने हंसराज को साइनाइड मिला हुआ गंगाजल पिलाया, जिसके बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हार्ट अटैक की बात सामने आई और अभनपुर के रहने वाले नरेंद्र साहू की मौत भी इसी तरह हुई।