0 आहत भागवत साहू ने अपने समाज को कांग्रेस मुक्त करने का लिया संकल्प

राजनांदगांव। निगम के बाद अब पंचायत स्तर पर भी हार के चलते कांग्रेस पार्टी में हड़कंप मचा हुआ है। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का बड़े नेताओं पर गुस्सा फूट रहा है। इन सबके बीच राजनांदगांव के जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष भागवत साहू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

विधायक और पूर्व महापौर पर लगाया आरोप

भागवत साहू ने प्रेस कांफ्रेंस कर अपने ही पार्टी के नेताओं पर भीतरघात का आरोप लगाया है। उन्होंने जिला पंचायत चुनाव डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू, हेमा देशमुख पर षडयंत्र करने का आरोप लगाया। भागवत साहू अपने सामाजिक संगठन के जिलाध्यक्ष भी हैं और उन्होंने कांग्रेस मुक्त साहू समाज के संकल्प की घोषणा भी की है।

भागवत साहू ने पूर्व मेयर हेमा देशमुख और उनके बेटे मानव देशमुख पर कांग्रेस पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया है। आपको बता दें कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के प्रथम चरण के बाद कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है।राजनांदगांव कांग्रेस कमेटी और जिला साहू संघ के जिलाध्यक्ष भागवत साहू ने प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को अपना इस्तीफा भेजा है।

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खुद भी हारे जिला पंचायत का चुनाव

क्षेत्र क्रमांक 3 से भगवात साहू ने जिला पंचायत चुनाव लड़ा था, लेकिन वो कांग्रेस के बागी अंगेश्वर देशमुख से जिला पंचायत का चुनाव हार गये। उन्होंने कहा कि उनकी हार की वजह डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल और डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू और पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष नवाज खान है।

कांग्रेस में आंतरिक गुटबाजी चरम पर

भागवत साहू ने पूर्व मुख्यमंत्री बभूपेष बघेल को लिखे पत्र में कहा कि उन्होंने समय रहते पार्टी नेतृत्व को स्थिति से अवगत कराया था, लेकिन उनकी बात को अनदेखा किया गया। उन्हें भ्रमित किया गया और बागी प्रत्याशी को खुलकर समर्थन दिया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना से कांग्रेस की छवि को गहरा नुकसान हुआ है और बहुसंख्यक साहू समाज में असंतोष फैल गया है।

उन्होंने कांग्रेस में आंतरिक गुटबाजी को चरम पर बताया और कहा कि कुछ नेता पार्टी को कमजोर करने में लगे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “जब मैं खुद न्याय नहीं पा रहा, तो कार्यकर्ताओं को कैसे दिला पाऊंगा?” ऐसी स्थिति में अध्यक्ष पद पर बने रहना उचित नहीं था, इसलिए उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला लिया।

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