जशपुर। महिला सरपंच की नृशंस हत्या की गुत्थी पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मृतिका के जेठ ने ही इस वारदात को अंजाम दिया है। आरोपी ने जो वजह बताई उसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई। दरअसल अंधविश्वास और घरेलू ईष्या के कारण यह हत्या की गई और आरोपी को अपने किए का कोई पछतावा भी नहीं है।

इस मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि घटना 1 अप्रैल की सुबह की है। तुमला थाना क्षेत्र के ग्राम डोंगादरहा की सरपंच प्रभावती सिदार (38 वर्ष) अपने घर में थी, जबकि उसके पति उत्तम सिदार मोटरसाइकिल की मरम्मत कराने बाहर गए थे। दोपहर 12:20 बजे उनकी पुत्री ने सूचना दी कि उसकी मां घर के पिछवाड़े स्थित सिंटेक्स टंकी के पास घायल अवस्था में पड़ी है। परिजन तुरंत उसे कोतबा अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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परिवार के बीच से ही निकला अपराधी

उन्होंने बताया कि पुलिस ने मर्ग जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। और एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें साइबर सेल, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने कई एंगल से जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे राजनीतिक साजिश का अंदेशा था, लेकिन घटनास्थल के निरीक्षण और परिवार से पूछताछ के बाद पुलिस को शक हुआ कि अपराधी घर के अंदर ही है।

पुलिस ने शक के दायरे में सबसे पहले मृतिका की जेठानी को लिया, लेकिन जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई, तो वह पुलिस को गुमराह करने लगी। आखिरकार, जब उसके पति पुस्तम सिंह सिदार (42 वर्ष) से गहन पूछताछ की गई, तो उसने अपराध स्वीकार कर लिया।

अंधविश्वास और ईर्ष्या बनी हत्या की वजह

पूछताछ में आरोपी पुस्तम सिंह सिदार ने बताया कि उसकी बहू (मृतिका) प्रभावती सिदार से उसका पुराना विवाद था। उसे विश्वास था कि मृतिका के अंधविश्वासी गतिविधियों के कारण उसके परिवार के सदस्य बार-बार बीमार पड़ते थे। आरोपी ने बताया कि मृतिका उसका और उसके परिवार का अक्सर मजाक उड़ाती थी, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान था। कुछ दिनों पहले उसने आत्महत्या करने और अपनी पत्नी व तीन बेटियों को जहर देने तक की योजना बना ली थी। लेकिन बाद में उसने मृतिका को ही रास्ते से हटाने का फैसला किया।

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घटना के दिन, जब मृतिका घर में अकेली थी, तो आरोपी ने मौके का फायदा उठाया और घर में रखी लोहे की कुल्हाड़ी से उसके सिर और गले पर वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

SSP ने कहा कि हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस ने कुशलता से काम किया। आरोपी के खिलाफ थाना तुमला चौकी कोल्हेनझरिया में बी.एन.एस. की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर उसे आरोपी पुस्तम सिंह सिदार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

जांच टीम को नगद पुरस्कार

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि महिला सरपंच की हत्या करने के आरोपी को पुलिस टीम द्वारा अत्यंत प्रोफेशनल तरीके से जाॅंच कर 24 घंटे के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया गया है, पुलिस टीम के अतिशीघ्र मामले का खुलासा करने पर उन्हें नगद ईनाम से पुरष्कृत किया गया है।