0 नकली होलोग्राम के जरिये पिछली सरकार में हुआ था करोड़ों का घोटाला

रायपुर। प्रदेश की विष्णुदेव साय की सरकार ने पूर्व में नकली होलोग्राम की आड़ में हुए घोटाले को रोकने के लिए नई तकनीक ईजाद कर ली है। सरकार ने होलोग्राम की जगह अब ‘ईएएल’ यानी एक्साइज एडेसिव लेबल लगाया जाएगा। आबकारी विभाग ने इसका इस्तेमाल भी शुरू कर दिया है।

घोटाले में मंत्री समेत कई हैं जेल में

छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान शराब की बोतलों में नकली होलोग्राम लगाकर 1600 करोड़ से अधिक का घोटाला करने का आरोप लगा था। इस मामले में आज भी कार्रवाई चल रही है और घोटाले के आरोप में प्रदेश के आबकारी मंत्री के अलावा अफसर और कारोबारी जेल की हवा खा रहे हैं।

कैबिनेट ने लिया था यह निर्णय

गौरतलब है कि पिछले साल अक्टूबर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव के कैबिनेट में यह निर्णय लिया गया था कि शराब की हर शीशी, बोतल में लगाए जाने वाले होलोग्राम को हटाया जाएगा। उसकी जगह केंद्रीय सरकार की नोट छापने वाली एजेंसी के माध्यम से नए लेवल बनाए जाएंगे। अब ये ‘ईएएल’ के रूप में लाया गया है। सरकार ने यह बदलाव इस इरादे से किया था कि अब राज्य में नकली होलोग्राम के माध्यम से शराब बिक्री का फर्जीवाड़ा बंद किया जाएगा।

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कुछ इस तरह की होगी व्यवस्था

शराब दुकानों, बार में बिकने वाली शराब की बोतल पर संबंधित मदिरा इकाई द्वारा लगाया गया ईएएल के अतिरिक्त विदेशी मदिरा के लायसेंसधारियों को परमिट वार प्रदाय की जाने वाली हर शराब की बोतल पर बार संबंधित ईएएल मदिरा की दुकान में ही अलग से बोतल के निर्धारित स्थान पर चस्पा किए जाने के बाद ही प्रदाय की जाएगी। ईएएल लाल रंग का होगा।

आबकारी नियम में किया गया बदलाव

होलोग्राम की जगह ईएएल लगाए जाने को लेकर राज्य सरकार के आबकारी विभाग को आबकारी नियम में कई बदलाव करने पड़े हैं। इस संबंध में अधिसूचना का प्रकाशन भी राजपत्र में कराया गया है। अधिसूचना में कहा गया है कि प्लेसमेंट एजेंसी द्वारा उपलब्ध कराए गए कर्मचारी द्वारा किसी भी दशा में बोतलों या उनके लेबल ईएएल या चोरी रोधक ढक्कनों या मुहरों से बिगाड़ करना, विकृत करना पूर्ण रूप से निषेध है। प्लेसमेंट कर्मी अनुज्ञप्त परिसर में ‘कोई रंग सुंगधि, ईएएल, कैप्सूल, मुहर या कोई हानिकारक सामग्री नहीं’ कर दिया गया है।

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बोतलों की होगी विशिष्ट पहचान

राज्य की सभी देशी और विदेशी शराब की बोतलों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए नए सुरक्षात्मक फीचर्स के अब ईएएल लगाए जा रहे हैं। इसे भारत प्रतिभूति मुद्रणालय, नासिक रोड से क्रय किए जाएंगे। इस तकनीक का उपयोग करके, शराब की बोतलों पर एक विशिष्ट पहचान स्थापित की गई है, जिससे अवैध शराब की पहचान करना आसान हो जाएगा और अवैध व्यापार पर रोक लगाई जा सकेगी।