रायपुर। रूंगटा कॉलेज ऑफ इंजिनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के एक कॉउंसलर द्वारा की गई धोखाधड़ी का खामियाजा यहां के छात्र भुगत रहे हैं। यहां के लगभग डेढ़ दर्जन छात्र ऐसे हैं, जिनका एडमिशन इस कर्मचारी ने ही कराया और इनकी फीस की रकम अपने खाते में जमा करवा ली। कुछ माह पूर्व ही इस कर्मचारी ने यहां काम छोड़ दिया और इनसे ली गई रकम संस्था में जमा नहीं कराई। अब इस मामले में प्रबंधन द्वारा किनारा कर लिए जाने के चलते छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। इसे देखते हुए पीड़ितों ने थाने में पहुंच कर FIR दर्ज करने का अनुरोध किया है।

थाने में पहुंचे इन छात्रों में से एक ने बताया कि वह छत्तीसगढ़ के MCB जिले के जनकपुर का रहने वाला है। उसके अलावा अन्य करीब 20 छात्र-छात्राओं ने रूंगटा कॉलेज ऑफ इंजिनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के कॉउंसलर नमन अग्रवाल के जरिये यहां अलग-अलग कोर्स में प्रवेश लिया है। नमन ने उन्हें कभी इस बात की जानकारी नहीं दी कि संस्थान की फीस ऑनलाइन जमा की जा सकती है। नमन ने प्रथम किश्त की फीस इन सबसे अपने खाते में जमा करवा ली। यह सब कुछ संस्थान के एक अन्य स्टाफ महेंद्र श्रीवास्तव की मौजूदगी में कॉलेज के कार्यालय में ही किया गया। खुद महेंद्र और न ही प्रबंधन ने इस पर कोई आपत्ति नहीं की और कहा कि नमन के खाते में जो फीस जमा कर रहे हैं वह कॉलेज में जमा हो जाएगी।

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बहाने से ली दूसरी किश्त, फिर…

इस छात्र ने बताया कि नमन अग्रवाल ने सभी छात्रों को अक्टूबर के महीने में फोन करके बताया कि वे अगर दीपावली के पहले दूसरी किश्त की फीस जमा कर देते हैं तो उन्हें 3 – 4 हजार रूपये का डिस्काउंट मिल जायेगा। छूट के चक्कर में छात्रों ने दूसरे किश्त की राशि भी नमन अग्रवाल के खाते में ऑनलाइन भेज दी।

फीस जमा करने के बाद जब स्टूडेंट्स ने रसीद मांगी, तब नमन ने आज-कल के नाम पर टालना शुरू कर दिया और फिर उसने फीस की रसीद ही उन्हें नहीं दी।

प्रबंधन ने फीस जमा करने को कहा

इन छात्रों को झटका तब लगा जब रूंगटा प्रबंधन और यहां के स्टाफ महेंद्र श्रीवास्तव ने पिछले दिनों इन्हें फीस की दूसरी किश्त जमा करने को कहा। प्रबंधन ने इन्हें साफ बता दिया है कि नमन ने यहां से काम छोड़ दिया है और उसने छात्रों से ली गई फीस भी कॉलेज में जमा नहीं कराई है। इसलिए दोबारा “फीस दीजिये” तब परीक्षा में बैठने दिया जायेगा। अब इन छात्रों को अहसास हो रहा है कि वे ठगी का शिकार हो गए हैं।

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फरार है नमन अग्रवाल

पीड़ित छात्रों ने नमन अग्रवाल से मिलने की कोशिश की, मगर उसका फोन स्विच्ड ऑफ आ रहा है। उससे सिर्फ व्हाट्स एप्प में चेटिंग में बात हो रही थी। नमन इन्हें टालता रहा, मगर जब छात्रों ने उसे FIR कराने की चेतावनी दी, तब से उसने इन्हें रिस्पॉन्स देना ही छोड़ दिया है। उसका कुछ भी पता नहीं चल रहा है।

लाखों रुपयों का किया है गबन

थाने में FIR दर्ज कराने पहुंचे इन छात्रों ने बताया कि नमन ने लगभग 20 छात्र-छात्राओं से फीस की रकम अपने खाते में जमा करवा ली है। सभी को मिलाकर यह रकम चार-पांच लाख रूपये से भी अधिक है। सारे प्रयास विफल हो जाने के बाद अब वे उसके खिलाफ FIR दर्ज कराने जा रहे हैं। इनका आरोप यह भी है कि रूंगटा कॉलेज प्रबंधन और यहां के स्टाफ महेंद्र श्रीवास्तव ने सब कुछ जानते हुए भी उन्हें महीनों तक लटका कर रखा। और अब जब परीक्षा सिर पर है तो उन्हें फीस दोबारा जमा करने को कहा जा रहा है। पीड़ित छात्रों से गुहार लगाई है कि मामले में FIR दर्ज करते हुए आवश्यक कार्रवाई करें और उन्हें न्याय दिलाएं।

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इस मामले में रूंगटा कॉलेज प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए TRP न्यूज ने रिसेप्शन पर दो बार कॉल करके जिम्मेदार अधिकारी से बात कराने को कहा गया मगर किसी से भी सम्पर्क नहीं कराया गया।