नेशनल डेस्क। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की नृशंस हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस आतंकी हमले की जांच में अब एक चौंकाने वाला मोड़ आया है, जहां सोशल मीडिया की चमकती दुनिया से जुड़े नाम अब खुफिया एजेंसियों की नजर में आ गए हैं।

ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी से खुला राज

हमले की जांच के दौरान सुरक्षाबलों ने यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एजेंसियों को संदेह है कि वह आतंकियों तक संवेदनशील जानकारी पहुंचाने का जरिया बन सकती थी। इस गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा कई राज्यों तक फैल गया है।

अब पुरी की यूट्यूबर प्रियंका सेनापति रडार पर

जांच की आंच अब ओडिशा के पुरी तक पहुंच गई है। यहां की यूट्यूबर प्रियंका सेनापति से सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। सितंबर 2024 में ज्योति पुरी आई थी और उसने स्थानीय धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक परिसरों में वीडियो शूट किए थे। जांचकर्ता यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं इन विजुअल्स का उपयोग किसी दुश्मन देश को खुफिया जानकारी देने में तो नहीं किया गया।

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प्रियंका का दावा – सिर्फ पेशेवर संपर्क

सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि प्रियंका और ज्योति के बीच उस समय संपर्क हो सकता है, जब ज्योति पुरी में थी। हालांकि प्रियंका ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उसकी ज्योति से केवल पेशेवर जान-पहचान थी। प्रियंका ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर कहा, “मैं सिर्फ यूट्यूब की दुनिया में उससे मिली थी। कभी उसके इरादों पर शक नहीं हुआ। अगर पता होता कि वो देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त है, तो उससे कोई संपर्क नहीं रखती। मैं जांच में पूरा सहयोग करूंगी।”

अब इन्फ्लुएंसर्स पर भी पैनी नजर

इस खुलासे के बाद खुफिया एजेंसियां उन डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स पर नजर रख रही हैं, जो DSLR, ड्रोन और हाई-रेजोल्यूशन कैमरों से सार्वजनिक स्थलों पर शूटिंग करते हैं। आशंका है कि इस तरह का डिजिटल कंटेंट सीमाओं पार खुफिया जानकारी के रूप में इस्तेमाल हो सकता है।

मामला गंभीर, जांच और गहरी होगी

अब जब सोशल मीडिया के जरिए जासूसी का शक सामने आया है, तो एजेंसियों ने इस पूरे नेटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि कुछ और इन्फ्लुएंसर्स इस नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

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