रायपुर। डिजी लॉकर, डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) की एक प्रमुख पहल है। डिजी लॉकर का उद्देश्य नागरिकों के डिजिटल दस्तावेज़ वॉलेट में प्रामाणिक डिजिटल दस्तावेज़ों तक पहुँच प्रदान करके नागरिकों का ‘डिजिटल सशक्तिकरण’ करना है।

APAAR आईडी डिजिलॉकर के लिए एक लिंक के रूप में कार्य करती है, जो एक ऑनलाइन संग्रह है, जहां छात्र परीक्षा परिणाम जैसे आवश्यक दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से संग्रहीत करते हैं। APAAR आईडी के माध्यम से अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (एबीसी) से जुड़ा यह संस्थान राष्ट्रीय शैक्षणिक डिपॉजिटरी के माध्यम से संस्थानों से शैक्षणिक क्रेडिट प्राप्त करता है। इससे प्रवेश या नौकरी के आवेदनों के लिए प्रमाणीकरण आसान हो जाता है, तथा शैक्षणिक अभिलेखों का सत्यापन सरल हो जाता है।

उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार ने कलिंगा विश्वविद्यालय के सहयोग से 21-05-2025 को कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर में छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों और स्वायत्त कॉलेजों के लिए अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) पर डेटा अपलोड करने पर एक कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन इस कार्यक्रम में राज्य भर से शिक्षाविदों ने भाग लिया।

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कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों और गणमान्य व्यक्तियों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन समारोह के साथ हुई। कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. श्रीधर ने स्वागत भाषण दिया। उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जी. ए. घनश्याम ने कार्यशाला का अवलोकन प्रस्तुत किया। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की अवर सचिव नीरा चोपड़ा ने भी सभा को संबोधित किया। छत्तीसगढ़ के राज्य समन्वयक रोहित सिंह और डिजिलॉकर-एनएडी और एबीसी पहल के लिए तकनीकी सहायता विशेषज्ञ, सहायक प्रबंधक पूनम सिंह ने तकनीकी सत्र लिये।

सत्र का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों को डिजिलॉकर-एनएडी पोर्टल पर अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) का विवरण भरने के बारे में जानकारी प्रदान करना था। इंटरैक्टिव सत्र के दौरान छात्रों और उच्च शिक्षण संस्थानों के सामने आने वाली कठिनाइयों पर चर्चा की गई। दोहरी विशेषज्ञता और अन्य मामलों के साथ प्रविष्टियाँ कैसे भरी जाएं, इस पर प्रतिभागियों की शंकाओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए पोर्टल में संशोधन और विकल्प जोड़ने से संबंधित कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

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कार्यक्रम का समापन कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। गणमान्य व्यक्तियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। समारोह की संचालक वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय की सहायक प्रोफेसर डॉ. निष्ठा शर्मा थीं।

सभी प्रतिभागियों को भागीदारी का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन छात्र कल्याण एवं प्रशासन विभाग के डीन की टीम द्वारा बहुत अच्छे ढंग से किया गया।