Bharatmala Project Scam: भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला, ईओडब्ल्यू की चार्जशीट में दो एसडीएम सहित 10 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश, यहां देखें किसके किसके नाम
Bharatmala Project Scam: भारतमाला प्रोजेक्ट घोटाला, ईओडब्ल्यू की चार्जशीट में दो एसडीएम सहित 10 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश, यहां देखें किसके किसके नाम

रायपुर। प्रदेश के 11 जिलों में भारतमाला परियोजना के मुआवजा घोटाले की पड़ताल चल रही है, हालांकि इनमें से रायपुर संभाग के जिलों में यह प्रक्रिया समय के मुताबिक चल रही है, जबकि दूसरे जिलों में कलेक्टर भारतमाला घोटाले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। रायपुर संभाग के अंतर्गत रायपुर और धमतरी जिलों से कमिश्नर कार्यालय को 150 से भी अधिक शिकायतें मिली हैं। जिनकी जांच के लिए कमिश्नर ने एक टीम बनाने का फैसला लिया है।

रायपुर-विशाखापट्टनम सडक़ निर्माण के लिए अधिग्रहित जमीन के एवज में मुआवजा घोटाले की ईओडब्ल्यू-एसीबी द्वारा जांच की जा रही है। इससे अलग राज्य शासन ने भारतमाला और हाल के वर्षों में जमीनों के अधिग्रहण से जुड़े दूसरे प्रोजेक्ट के मुआवजा से जुड़ी शिकायतों का निराकरण करने के लिए रायपुर कमिश्नर को निर्देशित किया है। रायपुर कमिश्नर महादेव कांवरे ने मुआवजा से जुड़े शिकायतों के लिए आवेदन बुलाए थे। कमिश्नर के यहां करीब साठ आवेदन आए हैं। इसी तरह कलेक्टर व एसडीएम के यहां भी मुआवजे से जुड़ी आपत्तियां आई है। कुल मिलाकर डेढ़ सौ से अधिक आपत्ति-दावे, और शिकायतें मिली है। 

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ग्रामवार कमेटियों का होगा गठन

रायपुर कमिश्नर कांवरे ने मीडिया से चर्चा में कहा कि कलेक्टर और एसडीएम के यहां भी आए आवेदनों को बुलाया गया है। कुल मिलाकर डेढ़ सौ से अधिक आपत्ति-दावे और शिकायतें आई हैं। उन्होंने बताया कि शिकायतों की जांच के लिए ग्रामवार कमेटी के गठन पर विचार चल रहा है जिसमें सीनियर अफसर रहेंगे। 

प्रभावितों की अनेक तरह की हैं शिकायतें

कमिश्नर ने बताया कि कमेटी मौके पर जाकर जांच करेगी, और रिपोर्ट देगी। फिलहाल आवेदनों का परीक्षण चल रहा है। कुछ आवेदन ऐसे भी हैं जिनमें ग्रामीणों की तरफ से यह कहा गया है कि उनकी जमीन अधिग्रहित नहीं की गई, लेकिन जमीन से होकर सडक़ गुजर रही है। कुछ ने मुआवजा कम मिलने की बात भी कही है। एक-दो शिकायतें ऐसी भी है जिसमें कहा गया कि उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। अगले एक हफ्ते में आवेदनों पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 

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विधानसभा में उठा था मामला

भारतमाला परियोजना में जमीन घोटाले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप विधानसभा में लगे थे। इस दौरान करीब साढ़े तीन सौ करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया गया था। इस पूरे मामले में ईओडब्ल्यू-एसीबी ने एक दर्जन से अधिक अफसरों-कर्मचारियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। चार कारोबारियों को गिरफ्तार भी किया गया है। कमिश्नर की जांच-रिपोर्ट आने के बाद प्रकरण में कुछ नए खुलासे होने के आसार नज़र आ रहे हैं।