रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में राज्य सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी विभाग के 22 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने इसका आदेश जारी कर दिया है। यह कार्रवाई आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) द्वारा 29 अधिकारियों के खिलाफ विशेष अदालत में चालान दाखिल किए जाने के ठीक बाद हुई है।

ये 22 अधिकारी हुए निलंबित

  1. जनार्दन कौरव, पिता पंचम सिंह, उम्र 50 वर्ष, सहायक जिला आबकारी अधिकारी।
  2. अनिमेष नेताम, पिता आनंद नेताम, उम्र 49 वर्ष, उपायुक्त आबकारी।
  3. विजय सेन शर्मा, पिता पीसी सेन शर्मा, उम्र 48 वर्ष, उपायुक्त आबकारी।
  4. अरविंद कुमार पाटले, पिता नेवल सिंह पाटले, उम्र 49 वर्ष, उपायुक्त आबकारी।
  5. प्रमोद कुमार नेताम, पिता स्व. श्याम लाल नेताम उम्र 60 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
  6. रामकृष्ण मिश्रा, पिता शैलेन्द्र मिश्रा, उम्र 36 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
  7. विकास कुमार गोस्वामी, पिता विनोद गोस्वाम, उम्र 44 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
  8. इकबाल खान, पिता महूम मोहम्मद स्माईल खान, उम्र 56 वर्ष, जिला आबकारी अधिकारी।
  9. नितिन खंडुजा, पिता रवीन्द्र खंडुजा, उम्र 53 वर्ष, सहायक जिला आबकारी अधिकारी।
  10. नवीन प्रताप सिंग तोमर, पिता भगवान सिंह तोमर, उम्र 43 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
  11. मंजुश्री कसेर, पति रामचन्द्र सारस, उम्र 47 वर्ष, सहायक आबकारी अधिकारी।
  12. सौरभ बख्शी, पिता राजीव बख्शी, उम्र 41 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
  13. दिनकर वासनिक, पिता डॉ पीएल वासनिक, उम्र 42 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
  14. मोहित कुमार जायसवाल, पिता रामलाल जायसवाल, उम्र 46 वर्ष, अधिकारी जिला आबकारी।
  15. नीतू नोतानी ठाकुर, पति मोहन दास नोतानी, उम्र 45 वर्ष, उपायुक्त आबकारी।
  16. गरीबपाल सिंह दर्दी, पिता दिलबाग सिंह दर्दी, उम्र 59 वर्ष, जिला आबकारी अधिकारी।
  17. नोहर सिंह ठाकुर, पिता गौतम सिंह ठाकुर, उम्र 45 वर्ष, उपायुक्त आबकारी।
  18. सोनल नेताम, पिता एम. एस. नेताम, उम्र 36 वर्ष, सहायक आयुक्त, आबकारी।
  19. प्रकाश पाल, पिता सपन कुमार पाल, उम्र 44 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
  20. अलेख राम सिदार, पिता मुरलीधर सिदार, उम्र 34 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
  21. आशीष कोसम, पिता बृजलाल कोसम, उम्र 50 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी
  22. राजेश जायसवाल, पिता हरीप्रसाद जायसवाल, उम्र 42 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी।
See also  योग आयोग के नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने किया शपथ ग्रहण, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले…

इन 7 रिटायर अधिकारियों को भी बनाया गया आरोपी

  1. ए.के. सिंग, पिता अखिलेश्वर सिंह उम्र 62 वर्ष, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
  2. जे.आर. मंडावी, पिता नंदलाल मंडावी, उम्र 64 वर्ष, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
  3. जी.एस. नुरूटी, पिता दयाराम नुरूटी, उम्र 63 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)
  4. देवलाल वैष, पिता स्व गोवर्धन सिंह वैध, उम्र 63 वर्ष, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
  5. ए.के. अनंत, पिता आशाराम अंनत, उम्र 65 वर्ष, जिला आबकारी अधिकारी (सेवानिवृत्त)
  6. वेदराम लहरे, पिता जगत राम लहरे, उम्र 66 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)
  7. एल.एल. ध्रुव, पिता मोतीसिंह ध्रुव, उम्र 66 वर्ष, सहायक आयुक्त आबकारी (सेवानिवृत्त)

कोर्ट में पेश नहीं हुए आरोपी

7 जुलाई को EOW ने 2300 पन्नों का चालान विशेष अदालत में पेश किया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसके पहले EOW ने 29 आरोपियों को समन भेजे थे, लेकिन कोई भी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। अब अदालत ने सभी को 20 अगस्त तक पेश होने का नोटिस जारी किया है।

See also  जी हां मिल गई कोरोना वायरस की वैक्सीन, इजराइल के वैज्ञानिक जल्द कर सकते हैं घोषणा

क्या है ‘बी-पार्ट’ शराब घोटाला?

2019 से 2023 के बीच 15 जिलों में तैनात आबकारी अधिकारियों और अन्य अफसरों ने सरकारी शराब दुकानों से बिना ड्यूटी चुकाई गई देसी शराब (B-Part) की अवैध समानांतर बिक्री की। यह शराब डिस्टलरी से सीधे भेजी जाती थी, और वैध स्टॉक के साथ मिलाकर बेची जाती थी।

इस पूरे रैकेट में शामिल थे

  • डिस्टलरी संचालक
  • ट्रांसपोर्टर
  • सेल्समैन और सुपरवाइजर
  • आबकारी अधिकारी
  • मैनपावर एजेंसी के लोग

अवैध शराब से जो पैसा बनता था, वह सीधे सिंडीकेट के पास पहुंचता था।

घोटाले की रकम 2174 करोड़ से बढ़कर 3200 करोड़!

अब तक की जांच और 200 से अधिक लोगों के बयान, डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर अनुमान है कि 60 लाख से ज्यादा पेटियां अवैध B-Part शराब की बेची गईं। शुरू में घोटाले की रकम 2174 करोड़ आंकी गई थी, लेकिन अब ये 3200 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो सकती है।

अब तक गिरफ्तारियां

अब तक इस मामले में 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिनमें प्रमुख नाम हैं

  • अनिल टुटेजा
  • अनवर ढेबर
  • अरुणपति त्रिपाठी
  • कवासी लखमा
  • विजय भाटिया
See also  किसान बिल के विरोध में छत्तीसगढ़ के किसानों ने उठाई आवाज

बता दें कि FIR में 70 नामजद आरोपी हैं, और जांच अब भी जारी है।

पूर्व मंत्री को 64 करोड़ की अवैध कमाई

EOW की जांच में सामने आया है कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा के संरक्षण में यह पूरा घोटाला चला। विभागीय अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत से उन्हें लगभग 64 करोड़ रुपये का अनुचित आर्थिक लाभ मिला, जिसे निजी और पारिवारिक हितों में खर्च किया गया। अब तक चार अभियोग पत्र अदालत में दाखिल किए जा चुके हैं, जिनमें से तीन पूरक चालान हैं।

जांच अब भी जारी

EOW और ACB की टीमें अब सिंडीकेट कमीशन, मनी लॉन्ड्रिंग और राज्य स्तरीय नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं। यह घोटाला न सिर्फ आर्थिक अपराध है, बल्कि प्रशासनिक भ्रष्टाचार की एक बेशर्म मिसाल भी बन गया है। आने वाले हफ्तों में और गिरफ्तारियों और खुलासों की संभावना है।