रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के खरोरा थाना अंतर्गत ग्राम पिकरीडीह स्थित उमा राइस मिल में संचालित मशरूम फैक्ट्री (MOJO) में श्रमिकों के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। फैक्ट्री के ठेकेदारों, नितेश तिवारी, विनय तिवारी और विपिन तिवारी पर 97 मजदूरों को बंधक बनाकर मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है, जो वहां मजदूरों से काम लेते थे। फैक्ट्री के मालिक के खिलाफ फिलहाल तक कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है।
इस मामले पर जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग ने लिखित FIR दर्ज कराई है। जिसमने कहा गया है कि, मारूति फेश (मोजो मशरूम) उमाश्री राइस मिल में बाल श्रम और मानव तस्करी की गंभीर घटनाओं का खुलासा हुआ है। फैक्ट्री में छापेमारी के दौरान 22 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया। रेस्क्यू किए गए बच्चों ने बताया कि उन्हें उत्तर प्रदेश से भोला नामक ठेकेदार द्वारा रायपुर लाया गया था और विपिन तिवारी, विकास तिवारी एवं नितेश तिवारी द्वारा फैक्ट्री में जबरदस्ती काम कराया जा रहा था।
बच्चों से रात 2 बजे से लेकर रात 10:30 बजे तक मशरूम यूनिट में कार्य करवाया जाता था, लेकिन उन्हें वेतन नहीं दिया गया, सिर्फ मामूली एडवांस राशि दी गई थी। बच्चों ने यह भी बताया कि उनके साथ मारपीट की जाती थी। शिकायत पत्र में कहा गया कि, यह मामला बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986, बंधुआ मजदूरी अधिनियम, मानव तस्करी, और किशोर न्याय अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
राष्ट्रीय बजरंग दल ने भी की शिकायत
राष्ट्रीय बजरंग दल छत्तीसगढ़ प्रांत के महामंत्री विक्रांत शर्मा ने इस संबंध में थाना खरोरा में लिखित FIR देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनके अनुसार, फैक्ट्री प्रबंधन ने बच्चों, महिलाओं और पुरुषों समेत कुल 97 मजदूरों को बेहतर मजदूरी का लालच देकर फैक्ट्री में काम पर बुलाया। लेकिन मजदूरों को फैक्ट्री परिसर में ही कैद कर लिया गया, उन्हें 24 घंटे भूखा-प्यासा रखकर जबरन काम करवाया गया।
जब मजदूरों ने अपनी मेहनताना मांगी, तो उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और डराया-धमकाया गया। इस अमानवीय व्यवहार को लेकर राष्ट्रीय बजरंग दल ने शासन-प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कोई कदम नहीं उठाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।




