टीआरपी डेस्क। जर्मन लग्ज़री कार कंपनी मर्सिडीज़ बेंज़ का दबदबा भारतीय बाजार में देखने को मिल रहा है। मर्सिडीज़ बेंज़ की कार सेल वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में ही तकरीबन 10% बढ़ गई है। कंपनी ने इन तीन महीनों में ही देशभर में 4 हजार 238 यूनिट्स की सेल की है, जो भारतीय बाजार में आज तक की सबसे अधिक बिक्री है। कंपनी का कहना है कि इस सफलता का प्रमुख कारण गाड़ियों के हाई-एंड और इलेक्ट्रिक (ईवी) मॉडल्स हैं जिसे भारतीय बाजार में लोग बहुत ज़्यादा पसंद कर रहे हैं। जिसके चलते बाजार में इन मॉडल्स की मांग भी बहुत ज़्यादा है।
मर्सिडीज़ बेंज़ इंडिया के CEO संतोष अय्यर ने बताया कि “टॉप-एंड मॉडल्स को मजबूत कर उच्च-स्तरीय लग्ज़री सेगमेंट को बढ़ावा देने पर हमारा जोर ग्राहकों की पसंद को प्रभावित करने में बेहद कामयाब रहा है।”

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है जहां सालाना 40 लाख कार यूनिट्स की सेल होती है लेकिन इसी बाजार में लग्ज़री कार्स की सेल का आंकड़ा सिर्फ कुल बिक्री के 1% से थोड़ा ज़्यादा है। भारतीय बाजार में लग्ज़री कार्स की मांग पिछले कुछ सालों में लगातार बढ़ती जा रही है क्योंकि तेज़ आर्थिक विकास से युवा पीढ़ी के बीच लग्ज़री कार्स के क्रेज़ बढ़ा है।
कंपनी ने बताया कि मर्सिडीज़ एस-क्लास और मेबैक पोर्टफोलियो जैसे उच्च स्तरीय मॉडल्स की बिक्री अप्रैल और जून के बीच 20% बढ़ी, जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री दोगुनी से भी ज़्यादा बढ़कर मर्सिडीज़ बेंज़ इंडिया की कुल बिक्री का 8% हो गई।
मर्सिडीज़ के मुख्य सेगमेंट्स में सी-क्लास, ई-क्लास सेडान, GLC और GLE स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन शामिल हैं, इन मॉडल्स की सेल में इस तिमाही में 10% की वृद्धि हुई है। भारत में कंपनी की कुल बिक्री में इन कारों का योगदान 60% रहा है।
मर्सिडीज़ बेंज़ भारत में लग्ज़री वाहनों की बिक्री में सबसे आगे है, उसके बाद BMW और टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली जैगुआर लैंड रोवर (JLR) का स्थान है।


