टीआरपी डेस्क। स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर के सभी केंद्रीय संस्थानों के लिए एक आदेश जारी किया है। इस आदेश के बारे में पूरी तकह जानने के बाद जंक-स्ट्रीट फूड लवर्स भी सोंच में पड़ जाएंगे। सरकार ने अपने आदेश में कहा कि तले-भुने और मीठे स्नैक्स कि दुकानों पर अब चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। आदेश में साफ लिखा है कि जहां-जहां समोसा, पकौड़ा, वड़ा पाव, लड्डू और जलेबी जैसे हाई फैट या हाई शुगर वाले स्नैक्स बेचे जाते हैं, वहां पर बड़े और चमकीले चेतावनी पोस्टर लगाए जाएं। इन पोस्टर्स में साफ-साफ लिखा होगा कि उस खाने में कितना फैट, शुगर और अन्य हानिकारक तत्व मौजूद हैं।

मोटापे से बचाना है मकसद

सरकार की इस पहल का मकसद लोगों को मोटापे और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों से बचाना है। आंकड़े बताते हैं कि भारत में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है और अनुमान है कि साल 2050 तक तकरीबन 45% भारतीय इसकी चपेट में होंगे। अगर ऐसा हुआ, तो अमेरिका के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे मोटी आबादी वाला देश होगा।

See also  सीएम भूपेश बघेल पहुंचे सक्ति,कहा- अब नहीं होगी बारदाना की कमी

सोच समझकर चुनें खाना

सरकार का मकसद किसी को पकौड़े या जलेबी खाने से रोकना नहीं है, लेकिन लोगों को “जानकारी का अधिकार” देना है। ताकि वे समझदारी से अपना खाना चुनें और सेहत को लेकर सजग रहें। ताकी जानकारी के अभाव में वे अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न कर पाएं।

अब देखना यह है कि स्वास्थ्य मंत्रालय की ये पहल लोगों और दुकानदारों पर क्या प्रभाव डालती है। क्या इस आदेश के बाद अब लोग स्वाद से ज्यादा सेहत के बारे में सोच कर खाना खाएंगे या दुकानदारों द्वारा लगाए जाने वाले ये चमकीले पोस्टर सिर्फ सरकारी आदेश का पालन मात्र रह जाएंगे।

(यह खबर इंटरने से प्राप्त जानकारी पर आधारित है, टीआरपी न्यूज़ इसकी पुष्टी नहीं करता)