रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र दूसरे दिन बस्तर संभाग में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के उपयोग को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने का प्रयास किया। सबसे पहले यह मुद्दा भाजपा के ही विधायक किरण देव सिंह ने उठाया। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में अब तक CSR फंड से कोई भी काम स्वीकृत नहीं हुआ है, जबकि वहां कई बड़े उद्योग कार्यरत हैं। उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान सिंह ने सरकार से जगदलपुर और बस्तर संभाग में CSR मद से अब तक किए गए कार्यों और खर्च की गई राशि का पूरा ब्योरा मांगा।
इसके बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए पूछा कि उद्योग आखिर CSR फंड का कितना हिस्सा खर्च कर रहे हैं? जवाब में मंत्री ने बताया कि कंपनियां 2 प्रतिशत तक राशि खर्च करने के लिए बाध्य हैं।
इस पर महंत ने सवाल उठाया कि अगर CSR फंड का उपयोग हो रहा है, तो उसका पारदर्शी लेखा-जोखा कहां है? उन्होंने तर्क दिया कि पहले की सरकार में इस मद में जितनी राशि खर्च होती थी और आज के खर्च में भारी अंतर है, जिसे सामने लाना जरूरी है।
महंत ने कटाक्ष करते हुए कहा, “अगर राशि सही जगह खर्च हो रही है, तो सरकार को उच्च स्तरीय जांच से डर क्यों है?” उन्होंने CSR मद में खर्च की जा रही पूरी राशि की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की।


