टीआरपी डेस्क। नर्मदापुरम में शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। मामले में जिले के एक सम्मानित शिक्षक आशीष पांडे को छात्राओं से यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। शिक्षक के खिलाफ POCSO एक्ट और अन्य धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया है।
गौरतलब है कि आशीष पांडे को 2013 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और 2017 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। अब उन्हीं पर छात्राओं के यौन उत्पीड़न का आरोप लगना चौंकाने वाली बात है।
छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप
मामले में 6 छात्राएं थाने पहुंचीं और महिला पुलिस अधिकारी को शिकायती आवेदन सौंपा। छात्राओं ने बताया कि शिक्षक अक्सर उन्हें अशोभनीय तरीके से छूते हैं और “टेंपरेचर चेक करो” जैसे बहाने बनाकर अश्लील हरकतें करते हैं। छात्राओं का कहना है कि जब वे विरोध करती हैं, तब भी वह जबरदस्ती करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले साल भी इस संबंध में स्कूल प्रबंधन से शिकायत की गई थी लेकिन तब मामले को दबा दिया गया। छात्राओं ने मांग की थी कि आरोपी शिक्षक को तुरंत निलंबित किया जाए, ताकि आगे कोई छात्रा ऐसी हरकतों का शिकार न हो।
शिक्षक निलंबित, गिरफ्तारी की मांग तेज
छात्राओं की शिकायत के बाद संभागीय संयुक्त संचालक मनीष वर्मा ने आशीष पांडे को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। वहीं पीड़ित छात्राओं और उनके परिजनों ने शिक्षक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। इस घटना ने शिक्षा विभाग, छात्रों और अभिभावकों के बीच निराशा और आक्रोश पैदा कर दिया है।
एक अभिभावक ने कहा, “जिस शिक्षक को देश के राष्ट्रपति से पुरस्कार मिला हो, वह इस तरह की हरकत करे, ऐसी घटना भरोसा तोड़ने वाली है।” इस पूरे मामले ने स्कूलों में बच्चियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले में कार्रवाई तेज़
पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पूछताछ और गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है। वहीं शिक्षा विभाग भी इस मामले की स्वतंत्र जांच कराने की तैयारी में है।



