टीआरपी डेस्क। देश की आत्मनिर्भर रक्षा नीति को मजबूती देते हुए हैदराबाद स्थित BITS पिलानी के 2 छात्र जयंत खत्री और शौर्य चौधरी ने एक ऐसा लड़ाकू ड्रोन बनाया किया है, जिसे भारतीय सेना भी मजबूत संभवित हथियार के रूप में देख रही है। जयंत खत्री और शौर्य चौधरी ने हॉस्टल के कमरे में अपनी यह स्टार्टअप कंपनी ‘Apollyon Dynamics’ शुरू की थी जो अब सेना के लिए स्वदेशी ड्रोन बनाएगी।

हॉस्टल से टेक-ऑफ, सेना के हेडक्वॉर्टर में लैंडिग

2 महीने पहले शुरू हुए इस स्टार्टअप ने डिफेंस सप्लाई इकोसिस्टम में अपनी पहचान बना ली है। इन युवाओं ने अप्रैल 2025 में इस ड्रोन पर काम शुरू किया और मई में चंडीगढ़ में सफल लाइव प्रदर्शन कर दिखाया। इसके बाद जम्मू, चंडीमंदिर (हरियाणा), पानागढ़ (बंगाल), अरुणाचल प्रदेश समेत कई सैन्य ठिकानों से इन्हें ऑर्डर मिले।

इस ड्रोन में क्या है खास

यह खास ड्रोन 300 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से उड़ सकता है और 1 किलो तक का विस्फोटक पेलोड लेकर टारगेट पर हमला भी कर सकता है। जयंत और शौर्य ने इसे आत्मघाती ड्रोन के रूप में डिजाइन किया है, जो दुश्मन के ठिकानों पर बेहद सटीक तरीके से हमला कर सकता है।

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रूस-यूक्रेन वॉर बनी वजह

जयंत ने बताया कि रूस-यूक्रेन वॉर में ड्रोन के उपयोग से वे दोनों बहुत प्रभवित हुए और उन्होंने लडाकू ड्रोन डेवलप करने का निर्णय लिया। BITS पिलानी के सहयोग और सरकारी अनुदान (₹8 लाख) से उन्हें शुरुआती मदद मिली। जिसके बाद अब ने 2 महीने तक सिर्फ सेना से मिले ऑर्डर की डिलीवरी में ही व्यस्त रहेंगे।

कॉलेज स्टूडेंट्स पर सेना का भरोसा क्यों ?

चंडीगढ़ में प्रदर्शन के दौरान ड्रोन की गति, सटीकता और रेंज देखकर सेना की इकाइयों को भरोसा हो गया कि यह ड्रोन युद्ध स्तर पर कारगर साबित हो सकते हैं। इन छात्रों के बनाए ड्रोन ने दिखा दिया कि भारत के युवा न केवल तकनीकी इनोवेशन कर सकते हैं, बल्कि रक्षा उत्पादन में भी आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर तरने में भारत सक्षम हैं।