मुंगेली। जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के खेड़ा गांव में एक दर्दनाक हादसे में चाचा-भतीजे की मौत हो गई। जब वे कुएं में मोटर पंप की मरम्मत के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आ गए। हादसे के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया।

कैसे हुआ हादसा ?

35 वर्षीय पुरुषोत्तम निषाद सुबह अपने घर के कुएं में मोटरपंप की सफाई करने उतरा था। लेकिन कुएं के अंदर जहरीली गैस का रिसाव हो रहा था, जिससे उसका दम घुटने लगा और वह कुएं में बेहोश होकर गिर गया।

उसे गिरता देखकर उसके 50 वर्षीय चाचा दिनेश निषाद घबराहट में बिना किसी सुरक्षा के कुएं में उतर गया और वह भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए।

रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर निकाले गए शव

गांव में शोर मचने पर स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। कुछ ही देर में कलेक्टर, SP समेत SDRF की टीम मौके पर पहुंची। कुएं में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और थोडी देर की मशक्कत के बाद दोनों के शवों को बाहर निकाला गया।

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ग्रामवासियों से प्रशासन की अपील

घटना के बाद कलेक्टर कुंदन कुमार ने इसे प्राकृतिक आपदा मानते हुए जनता से अपील की है कि, “कोई भी नागरिक बिना सुरक्षा उपायों के कुएं या टंकियों में न उतरे। बरसात के मौसम में इस तरह के हादसों की संभावना अधिक रहती है।”

कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि, पुराने और खाली कुओं को चिन्हित किया जाए। उन्हें खतरे के टैग के साथ चिह्नित कर जागरूकता अभियान चलाया जाए।

मृतकों के परिवारों को मिलेगा मुआवजा

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मृतकों के परिवार को राजस्व आपदा राहत निधि के तहत मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही आर्थिक व सामाजिक सहायता के लिए भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

यह हादसा एक कड़वी सीख है कि अनजाने में की गई लापरवाही कैसे दो परिवारों को उजाड़ सकती है। प्रशासन का कहना है कि अब हर गांव में जागरूकता अभियान चलाकर इस तरह के हादसों को रोका जाएगा, ताकी आगे किसी भी परिवार को ऐसी अनहोनी का सामना म करना पड़े।

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