A symbolic view of gold jewelry and gleaming coins.
New prices for gold and silver are determined amidst the daily fluctuations in the bullion market.

टीआरपी डेस्क। सोना तो पहले ही सेंचुरी मार चुका था, अब चांदी ने भी लखटकिया क्लब में एंट्री ले ली है। चांदी की कीमत 1.20 लाख रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच चुकी है, और कारोबारियों की मानें तो ये अभी बस शुरुआत है। इस साल चांदी 1.5 लाख तक जा सकती है। वहीं सोना भी ₹1.04 लाख के आस-पास है।

राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में सोना-चांदी का कुल कारोबार रोज़ करीब 50 करोड़ के आसपास पहुंच रहा है। पहले जहां ग्राहक ₹1 लाख के बजट में 20 ग्राम सोना ले लेते थे, अब उतने में सिर्फ 10 ग्राम आ रहा है। कुछ लोग 5 ग्राम तक सिमट गए हैं। लेकिन खरीदी रुक नहीं रही।

दाम बढ़े, मगर निवेश भी बढ़ा

हर दिन औसतन 20 करोड़ रुपये का निवेश सोने में होता था, अब ये 25 करोड़ तक पहुंच गया है। चांदी में पहले जहां रोज़ 5-6 करोड़ का निवेश होता था, अब 8 करोड़ तक का हो रहा है। सराफा बाजार में साफ दिख रहा है कि ग्राहक उतना ही पैसा खर्च कर रहे हैं, बस कम ग्राम में डील कर रहे हैं।

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जितना बजट, उतनी खरीद- बाजार का नया फॉर्मूला

चांदी व्यापारी लक्ष्मीनारायण लाहोटी बताते हैं कि पहले 50 ग्राम चांदी के गहने लेने वाला अब 30 ग्राम तक सीमित हो गया है। कोई झटका नहीं है लोग बस हिसाब से खर्च कर रहे हैं। बाजार में भीड़ कम नहीं हुई है, बल्कि निवेशकों की संख्या बढ़ रही है।

चांदी का सरप्राइज रन

दो महीने पहले तक सोना और चांदी की रफ्तार लगभग साथ थी। लेकिन अब चांदी ने रफ्तार पकड़ ली है। कारोबारियों का कहना है कि साल के अंत तक चांदी ₹1.5 लाख पार कर सकती है, और सोना भी ₹1.25 लाख तक पहुंचने की ओर है।

सोना: अप्रैल से अब तक का सफर

  • 21 अप्रैल: पहली बार सोना ₹1 लाख पार (GST सहित)
  • मई: मामूली गिरावट
  • 2 जून: फिर ₹1 लाख के पार
  • जुलाई: अब तक की रिकॉर्ड कीमत करीब ₹1.04 लाख