टीआरपी डेस्क। बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने एक अहम कदम उठाया है। पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति को सुदृढ़ बनाने के लिए 4 सदस्यीय स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया है। कांग्रेस ने अजय माकन की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय स्क्रीनिंग कमेटी बनाई है। इसमें प्रणीति शिंदे, इमरान प्रतापगढ़ी और कुणाल चौधरी शामिल हैं। इसके अलावा कमेटी में 7 पदेन सदस्यों की भी नियुक्ति की है जिसमें छत्तीसगढ़ से AICC के राष्ट्रीय सचिव और भिलाई विधायक देवेंद्र यादव को शामिल किया है।

अजय माकन को बनाया कमेटी का अध्यक्ष

दिल्ली के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अजय माकन को इस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. अजय माकन का संगठन और रणनीति में अनुभव पार्टी को चुनाव में बेहतर दिशा देने में मदद करेगा. पार्टी को उम्मीद है कि माकन की अध्यक्षता में योग्य और जनप्रिय उम्मीदवारों का चयन सुनिश्चित किया जाएगा.

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अन्य सदस्य कौन ?

कमेटी में 3 अन्य सदस्यों को भी शामिल किया गया है जिनमें प्रणीति शिंदे (महाराष्ट्र की नेता और अनुभवी कार्यकर्ता), इमरान प्रतापगढ़ी (चर्चित शायर और वर्तमान में कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष) और कुणाल चौधरी (मध्यप्रदेश से युवा विधायक)

देवेंद्र यादव को क्यों मिली जिम्मेदारी?

देवेंद्र यादव, भिलाई, छत्तीसगढ़ से कांग्रेस विधायक और AICC सचिव हैं। पार्टी में उन्हें युवा चेहरे के तौर पर देखा जाता है। कांग्रेस अब उन्हें बिहार में सामने रखकर राज्य के युवाओं को साधना चाहती है।

सिर्फ उम्र नहीं, जातिगत समीकरण भी इसमें अहम हैं। देवेंद्र यादव OBC वर्ग से आते हैं, और बिहार में OBC वोट बैंक पर पकड़ बनाने की रणनीति के तहत उन्हें यह अहम जिम्मेदारी दी गई है।

क्या होगा कमेटी का काम ?

  • संभावित उम्मीदवारों की जांच और चयन
  • पार्टी के संगठन की मजबूती के लिए स्थानीय स्तर पर संवाद
  • सामाजिक समीकरणों और जीत की संभावनाओं पर विचार
  • केंद्रीय चुनाव समिति को अंतिम सिफारिश भेजना
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क्या होगा आगे ?

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि स्क्रीनिंग कमेटी किन चेहरों को प्राथमिकता देती है और कांग्रेस किस दिशा में आगे बढ़ती है। बिहार की जनता भी चुनावी गतिविधियों पर नज़र बनाए हुए है।