टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पंचायत सचिव और पूर्व विधायक के भाई जयपाल सिदार के हत्याकांड मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस हत्याकांड की पटकथा जेल की चारदीवारी के भीतर रची गई थी। यह साजिश रायगढ़ के फुटहामुड़ा निवासी शिव साहू ने रची थी, जो खुद पहले से ही एक हत्या के मामले में जेल में बंद है। पैरोल पर बाहर आने के दौरान, उसने जयपाल से अपनी पुरानी रंजिश का बदला लेने की ठानी और सुपारी देकर तीन शातिरों को इस जघन्य अपराध के लिए तैयार किया।
7 जुलाई से थे लापता
जयपाल सिदार हर दिन की तरह 7 जुलाई को भी बच्चों को स्कूल छोड़कर निकले थे, उस दिन लौटे नहीं। कोतबा बुलाए जाने के बहाने शुभम गुप्ता, कमलेश यादव और मदन गोपाल सिदार ने चलती कार में गमछे से उनका गला घोंट दिया। सबूत मिटाने के लिए शव को सिसरिंगा घाटी में फेंका गया, मोबाइल को मैनपाट जंगल में और कार को नंबर प्लेट हटाकर सड़क किनारे छोड़ दिया गया। हत्या में प्रयुक्त गमछा भी जला दिया गया।

पुलिस ने खोले राज
लैलूंगा थाने में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट ने जब शक का रुख लिया, तो साइबर सेल और धरमजयगढ़ पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की। तकनीकी सर्विलांस, लोकेशन ट्रैकिंग और संदिग्धों की गतिविधियों को खंगालते हुए पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ में सबने गुनाह कबूल कर लिया।
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के नेतृत्व में इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।



