टीआरपी डेस्क। उत्तर प्रदेश के एक बेरोजगार युवक दिलीप सिंह को तब जबरदस्त झटका लगा, जब उसके यूपीआई वॉलेट में 1 अरब 13 लाख 56 हजार करोड़ रुपए दिखाई दिए। यह रकम इतनी अधिक थी कि इसे देखकर न सिर्फ युवक सन्न रह गया, बल्कि बैंक, पुलिस और आयकर विभाग तक सकते में आ गए।

18 वर्षीय दिलीप सिंह गौतमबुद्धनगर के ऊंची दनकौर गांव के निवासी। दिलिप ने बताया कि वह किसी सामान्य खरीदारी के बाद UPI से पेमेंट कर रहा था। पेमेंट फेल हुआ तो बैलेंस चेक किया और फिर जो स्क्रीन पर दिखा वह किसी भी आम आदमी के होश उड़ाने के लिए काफी था। उन्हें 37 अंकों की बहुत बड़ी रकम दिखाई दी।

महीने भर पहले खुलवाया था खाता

दिलीप ने एक महीने पहले कोटक महिंद्रा बैंक में खाता खुलवाया था। हाल ही में पेमेंट न होने की स्थिति में उन्होंने वॉलेट बैलेंस चेक किया तो उन्हें यह 37 अंकों की रकम दिखाई दी।

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बैंक की अल्फा कमर्शियल बेल्ट शाखा पहुंचने पर कर्मचारी भी हक्के-बक्के रह गए। जल्द ही खाता फ्रीज कर दिया गया और बैंक अधिकारियों ने पूछताछ शुरू की। दिलीप, जो पहले से ही अपने माता-पिता दोनों को खो चुके हैं, घबरा कर घर लौट आए।

सिर्फ बैंक नहीं, अब IT विभाग भी कर रहा जांच

बैंक का कहना है कि यह संभवतः सॉफ्टवेयर या ट्रांजैक्शन एरर का मामला है। हालांकि, इनकम टैक्स विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है कि इतनी भारी-भरकम राशि(UPI Wallet Crore Rupees Error) आखिर कहां से और कैसे ट्रांसफर हुई।

पुलिस ने दिलीप से पूछताछ के बाद फिलहाल उसे छोड़ दिया है। लेकिन यह मामला अब साइबर सुरक्षा, बैंकिंग सिस्टम और फिनटेक गवर्नेंस पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

“पहले लगा सपना, फिर लगा डर”

दिलीप ने मीडिया से कहा, “मैंने सोचा कि गलती से कुछ पैसे ज्यादा आ गए होंगे… लेकिन जब पूरे जीरो गिनने शुरू किए तो गिनती ही नहीं रुकी। अब डर लग रहा है कि कहीं मेरे नाम पर कुछ गलत न हो गया हो।”

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अब आगे क्या ?

बैंक ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। वहीं एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह ट्रांजैक्शन गलती से हुआ लग रहा है, लेकिन फिर भी इतनी बड़ी तकनीकी चूक बड़ी लापरवाही मानी जा सकती है।