टीआरपी डेस्क। OBC वर्ग के युवाओं को एक बार फिर सरकारी सिस्टम ने गहरी चोट दी है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) द्वारा घोषित 5,180 क्लर्क पदों की भर्ती में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में अनुशंसित 27% आरक्षण की जगह सिर्फ 15% (मध्यप्रदेश ) और 6% (छत्तीसगढ़) आरक्षण दिया गया है। यह केंद्र सरकार के घोषित मापदंडों के खिलाफ है, जिसमें OBC को न्यूनतम 27% आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
यह एक पीढ़ी के भविष्य, नौकरी और हक की लड़ाई है। लगातार सरकारी भर्तियों में OBC वर्ग को कम अवसर देना न सिर्फ असंवैधानिक है, बल्कि सामाजिक न्याय की भावना के भी खिलाफ है। राजनीति में OBC के नाम पर वोट मांगने वाले नेता अब चुप हैं। कोई कोर्ट जाने की बात नहीं कर रहा, न ही कोई बड़ा आंदोलन खड़ा हो रहा है।
बड़े सवाल
- भारत सरकार की गाइडलाइन में 27% OBC आरक्षण अनिवार्य, तो मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में कटौती क्यों ?
- राज्य सरकारें और OBC आयोग ने मामले में क्यों साधी है चुप्पी ?
- OBC वर्ग के युवा और परिजन अब भी खामोश क्यों ?


