टीआरपी डेस्क। सोमवार को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के खिलाफ विपक्षी गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन से लेकर चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकाला। हालांकि, मार्च के दौरान पुलिस ने उन्हें संसद मार्ग पर ही रोक लिया, जिसके बाद कई सांसद सड़क पर धरने पर बैठ गए। इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस की प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी की डिंपल यादव, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए।

मार्च से पहले सांसदों ने संसद के मकर द्वार के सामने राष्ट्रगान गाया। इसके बाद, विपक्षी नेताओं ने सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस प्रदर्शन को संविधान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई करार दिया, और कहा कि यह राजनीतिक नहीं, बल्कि एक व्यक्ति, एक वोट की लड़ाई है।

प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कई प्रमुख नेताओं, जैसे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, संजय राउत और सागरिका घोष को हिरासत में ले लिया। विरोध कर रहे सांसदों ने “वोट चोरी बंद करो” जैसे नारे लगाए। कुछ सांसद बैरिकेड पर चढ़ गए और नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराए। इस दौरान, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह भी विरोध में शामिल हुए, जबकि उनकी पार्टी इंडिया गठबंधन से अलग हो चुकी है।

See also  ‘यूथ कार्निवाल’ में बोले भूपेश: छत्तीसगढ़ के नवनिर्माण में युवाओं की भागीदारी जरूरी

राहुल गांधी ने इससे पहले बेंगलुरु के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि मतदाता सूची में हेरफेर कर भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए वोट चोरी का एक मॉडल लागू किया गया। राहुल ने यह भी दावा किया कि महादेवपुरा में 1,00,250 वोटों की चोरी हुई है, जो पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में गई थीं।