टीआरपी डेस्क। दिल्ली-NCR में आवारा कुत्तों के हमलों से परेशान लोगों को सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से बड़ी राहत मिली है। अब इन कुत्तों को शेल्टर होम में भेजने का आदेश दिया गया है| वहीं, जानवरों के हक में आवाज उठाने वालों ने इस फैसले का विरोध किया है। इस बीच ये जानना बेहद जरूरी हो गया है कि कब और क्यों कुत्ते आक्रामक हो कर किसी को काट लेते हैं, और कुत्तों के हमले से बचने के क्या तरीके हैं।
बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय
देशभर में कुत्तों के काटने की घटनाएं अब हजारों नहीं, लाखों के आंकड़ों पर पहुंच चुकी हैं। ऐसे में लोगों के मन में डर और भ्रम दोनों हैं। आइए जानते हैं वो 5 मुख्य कारण जो कुत्तों को काटने पर उकसाते हैं।
- अपनी या परिवार की सुरक्षा
कुत्ते अपने इलाके, मालिक या बच्चों की रक्षा के लिए आक्रामक हो सकते हैं। मादा कुत्ता अपने पिल्लों की सुरक्षा के लिए किसी पर भी हमला कर सकती है।
- अचानक चौंकना या नींद से जगाना
अगर सोते हुए कुत्ते को अचानक जगाया जाए या पीछे से डराया जाए तो वह काट सकता है। ऐसे वक्त में उन्हें सबकुछ खतरा लगता है।
- चोट या बीमारी ग्रस्त होने पर
बीमार, घायल या दर्द से परेशान कुत्ते अक्सर चिड़चिड़े हो जाते हैं। ऐसे में वे अपने पसंदीदा इंसान से भी दूरी बनाने की कोशिश करते हैं और छेड़ने पर काट भी सकते हैं।
- तेज आवाज या भयावह अनुभव
तेज आवाज, दुर्व्यवहार या डरावनी स्थिति में कुत्ता डर से हमला कर सकता है। उसकी प्रतिक्रिया में काटने की संभावना बढ़ जाती है।
- कुत्ते से भागना
कई नस्लों के कुत्ते अगर किसी को भागते हुए देखते हैं, तो वे उसे शिकार समझ बैठते हैं। ऐसे में वे दौड़कर काट सकते हैं।
- बारिश में उदासीनता
बारिश के मौसम में आवारा कुत्ते तो पानी से परेशान होते ही हैं जिससे उनमें चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है, इसके साथ ही पालतु कुत्तों में भी आलस्य देखने को मिलता है इस लिए बारिश में कुत्तों को न छेड़ना ही ज्यादा श्रेयस्कर होगा।
सुरक्षा के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां
- किसी अनजान कुत्ते के पास बिना अनुमति न जाएं।
- जब कुत्ता खा रहा हो, सो रहा हो या अपने बच्चों के साथ हो, तब उसके पास जाने से परहेज करें।
- घायल कुत्ते को हाथ न लगाएं, विशेषज्ञों से संपर्क करें।
- बच्चों को कभी अकेले कुत्ते के साथ न छोड़ें।
- अनजान कुत्ते को छूने से पहले उसे सूंघने दें, सीधे आंखों में न देखें।
- अगर कोई कुत्ता आपको घेर ले, तो शांत रहें, चीखने-चिल्लाने से बात बिगड़ सकती है।
आपकी समझदारी ही आपकी सुरक्षा है। यह जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुचाएं ताकि समाज में जागरूकता बढ़े और ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।



