टीआरपी डेस्क। स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को एक बड़ी राहत की घोषणा दी है। उन्होंने कहा कि इस साल दिवाली तक देश में ‘नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी’ लागू कर दिया जाएगा। इसका सीधा मकसद है आम जनता को महंगाई से राहत और कारोबारियों को व्यवस्था में सरलता देना।
प्रधानमंत्री ने बताया कि मौजूदा अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को लागू हुए आठ साल हो चुके हैं। अब वक्त आ गया है कि इसे और ज्यादा प्रभावी और जनहितैषी बनाया जाए। इसके लिए सरकार ने तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित एक विस्तृत खाका तैयार किया है, जिसे मंत्रियों के समूह (GoM) को भेजा गया है। अगली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री ने इसे ‘दिवाली का तोहफा’ बताते हुए भरोसा दिलाया कि इन सुधारों से रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी और टैक्स का बोझ घटेगा। छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) को भी इससे सीधा लाभ मिलेगा, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सुधारों के तीन स्तंभों की बात करें तो पहले स्तंभ में जीएसटी की संरचना को सरल और प्रभावी बनाने के प्रयास शामिल हैं। इसमें दरों की समीक्षा के साथ-साथ जीवनयापन में आसानी को प्राथमिकता दी गई है। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है।
दूसरे स्तंभ के तहत उन वस्तुओं पर टैक्स कम करने का प्रस्ताव है जो आम आदमी की जरूरत से जुड़ी हैं। साथ ही, कुछ महंगी वस्तुओं पर भी टैक्स दरों में कटौती की जाएगी ताकि टैक्स व्यवस्था ज्यादा स्थिर और संतुलित हो सके।
तीसरे स्तंभ में सरकार का फोकस स्टार्टअप्स और छोटे कारोबारों पर है। इसके तहत पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा, और पहले से भरे गए रिटर्न के आधार पर रिफंड की प्रक्रिया को तेज करने पर काम किया जाएगा।



