वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ऐलान किया कि सर्जियो गोर को भारत में अमेरिका का अगला राजदूत नियुक्त किया जाएगा। गोर को यह जिम्मेदारी ऐसे समय में दी गई है, जब हाल ही में अमेरिका ने भारत से आने वाले सामान पर टैरिफ दोगुना करने का फैसला लिया है और दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ा है। गोर को इसके साथ ही दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के विशेष दूत की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

ट्रंप ने बताया ‘बेहतरीन दोस्त’

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखते हुए कहा कि सर्जियो गोर उनके “बेहतरीन दोस्त” हैं और लंबे समय से उनके साथ जुड़े रहे हैं। उन्होंने बताया कि गोर ने उनके ऐतिहासिक इलेक्शन कैंपेन में काम किया, उनकी बेस्टसेलिंग किताबें प्रकाशित कीं और सबसे बड़े सुपर PACs में से एक का संचालन किया। इसके अलावा, ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की तैयारियों में भी गोर ने स्टाफ चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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एलन मस्क से जुड़ा विवाद

सर्जियो गोर का नाम टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के साथ टकराव को लेकर भी सुर्खियों में रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोर और मस्क के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। मई में मस्क ने ट्रंप प्रशासन से इस्तीफा दिया था, जिसके पीछे गोर की भूमिका को अहम माना गया।
मार्च में कैबिनेट की एक बैठक में मस्क और अन्य अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई थी। अंदरखाने यह भी कहा गया कि गोर मस्क के स्टाफिंग पर प्रभाव डालने के खिलाफ थे।

तनाव उस समय और गहराया जब गोर ने जैरेड आइजैकमैन की NASA प्रमुख पद पर नॉमिनेशन रोकने में भूमिका निभाई। यह नॉमिनेशन मस्क के समर्थन से हुआ था, लेकिन ट्रंप ने इसे रद्द कर दिया। इसके बाद मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गोर को ‘सांप’ कहते हुए निशाना साधा और न्यूयॉर्क पोस्ट की उस रिपोर्ट को साझा किया, जिसमें गोर पर सिक्योरिटी क्लियरेंस सही से पूरा न करने का आरोप था।

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ट्रंप टीम में प्रभावशाली शख्सियत

सर्जियो गोर को ट्रंप प्रशासन में पर्दे के पीछे की सबसे ताकतवर शख्सियतों में गिना जाता है। वे व्हाइट हाउस में नियुक्तियों की जांच-पड़ताल (वेटिंग) की प्रक्रिया में शामिल रहे हैं और राजनीतिक वफादारी को नियुक्तियों की अहम शर्त मानते रहे हैं। माना जा रहा है कि भारत में राजदूत के तौर पर गोर की भूमिका आने वाले समय में भारत-अमेरिका संबंधों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होगी।