मुंबई। प्राइवेट सेक्टर के कर्जदाता YES Bank ने शनिवार को जानकारी दी कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जापान के सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन (SMBC) को बैंक में 24.99% हिस्सेदारी तक अधिग्रहण करने की मंजूरी प्रदान कर दी है। यह अधिग्रहण जापानी बैंक द्वारा YES Bank में किया गया अब तक का सबसे बड़ा निवेश होगा। हालांकि, RBI ने स्पष्ट किया है कि हिस्सेदारी अधिग्रहण के बाद भी SMBC को YES Bank का प्रमोटर नहीं माना जाएगा।

YES Bank ने नियामक फाइलिंग में बताया कि यह अप्रूवल 22 अगस्त 2025 से अगले एक साल के लिए मान्य रहेगा। यह सौदा SMBC की YES Bank में दूसरी बड़ी खरीद होगी और इसके जरिए जापानी बैंक अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है।

किन बैंकों से होगी हिस्सेदारी की खरीद?

प्रस्तावित सौदे के तहत भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से 13.19% हिस्सेदारी खरीदी जाएगी। इसके अलावा एक्सिस बैंक, बंधन बैंक, फेडरल बैंक, HDFC बैंक, ICICI बैंक, IDFC फर्स्ट बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक से संयुक्त रूप से 6.81% हिस्सेदारी खरीदी जाएगी।

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पहले भी हुई थी योजना का खुलासा

YES Bank ने इससे पहले 9 मई 2025 को अपनी इस योजना का खुलासा किया था। उस समय भी बैंक ने SBI से 13.19% और बाकी सात बैंकों से सामूहिक रूप से 6.81% हिस्सेदारी अधिग्रहण के प्रस्ताव की जानकारी दी थी।

यह अधिग्रहण भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में जापानी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाता है और YES Bank के लिए पूंजी आधार को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।