नई दिल्ली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बाद अब बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने भी अनिल अंबानी की कंपनियों रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) और रिलायंस टेलीकॉम के लोन खातों को ‘धोखाधड़ी’ घोषित कर दिया है। बैंक ने आरोप लगाया कि कंपनी और उससे जुड़े निदेशकों ने लोन की राशि का गलत इस्तेमाल किया और बैंक की शर्तों का पालन नहीं किया।
RCom पर 724.78 करोड़ रुपये का बकाया
BOI ने कहा कि रिलायंस कम्युनिकेशंस, अनिल धीरूभाई अंबानी और मंजरी अशिक कक्कर के खाते ‘धोखाधड़ी’ में शामिल हैं। कंपनी का खाता 30 जून 2017 को NPA घोषित हुआ था, और इस पर 724.78 करोड़ रुपये का बकाया है। बैंक ने बताया कि बार-बार नोटिस भेजने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।
रिलायंस टेलीकॉम पर 51.77 करोड़ रुपये का डिफॉल्ट
रिलायंस टेलीकॉम के मामले में BOI ने कंपनी और निदेशकों ग्रेस थॉमस और सतीश सेठ के खातों को फ्रॉड घोषित किया। इस पर 51.77 करोड़ रुपये का बकाया है। अन्य शामिल नामों में गौतम भाईलाल दोशी, दगदुलाल जैन और प्रकाश शेनॉय भी हैं। ज्ञात हो कि RCom और इसकी सहायक कंपनियों ने कुल 31,580 करोड़ रुपये का लोन विभिन्न बैंकों से लिया था।
SBI और अन्य बैंकों का रुख
इससे पहले, 2 जुलाई 2025 को SBI ने RCom और अनिल अंबानी के खातों को फ्रॉड घोषित किया था। बैंक ने आरोप लगाया था कि लोन की राशि का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और ग्रुप कंपनियों में घुमाने के लिए किया गया।
कंपनी ने SBI के नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि यह नोटिस पुराने RBI नियमों के तहत जारी हुआ था, जिन्हें अब बदल दिया गया है, इसलिए इसे वापस लिया जाना चाहिए।
इसके अलावा, कैनरा बैंक ने भी RCom को धोखाधड़ी घोषित किया था और कहा था कि लोन का इस्तेमाल गलत तरीके से किया गया और ग्रुप कंपनियों के बीच ट्रांजैक्शन किए गए।



