टीआरपी डेस्क: Reasons behind the retirement of cricketers“: साल 2025 में बड़े-बड़े दिग्गजों ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया. अब इस लिस्ट में चेतेश्वर पुजारा का भी नाम जुड़ गया है. खास बात ये है कि, अपने वनडे करियर में पुजारा सिर्फ 5 मैच खेले पाए। वहीं, वर्ल्ड कप के बाद संन्यास लेने वालों में T20 विश्व कप 2024 के बाद विराट कोहली, रोहित शर्मा और रवींद्र जडेजा ने टी20 इंटरनेशनल से संन्यास लिया. कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्होंने आईपीएल तक खेला, जैसे कि एमएस धोनी और जहीर खान, जबकि, विराट कोहली, रोहित शर्मा और रवींद्र जडेजा ने अचानक संन्यास लेकर सबको चौंका दिया.
आइए जानते है किस खिलाड़ी ने कौन सी उम्र में लिया संन्यास
रोहित शर्मा और विराट कोहली ने हाल ही में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया है. वो इससे पहले पिछले साल ही टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं. रोहित ने 38 साल की उम्र में टेस्ट से संन्यास लिया. वहीं कोहली ने 36 साल की उम्र में. उन्होंने एक साल पहले टी20 से संन्यास लिया था. इससे पता चलता है कि रिटायरमेंट की कोई उम्र नहीं होती है. कोई भी खिलाड़ी तब तक क्रिकेट खेल सकता है, जब तक उसे लगता है कि वो फिट है. साथ ही उसके फॉर्म पर भी डिपेंड करता है कि वो टीम के लिए कैसा प्रदर्शन कर रहा है.
खराब प्रदर्शन पर टीम से कर दिया जाता है बाहर
कोई भी खिलाड़ी अगर खराब प्रदर्शन करता है, इसके बाद वो टीम से बाहर कर दिया जाता है, फिर बाद में उसे मजबूरन रिटायरमेंट लेना पड़ता है. कई खिलाड़ी ऐसे भी हैं, जिन्होंने कम उम्र में रिटायरमेंट ली है. ऑस्ट्रेलिया के एक खिलाड़ी विल पुकोस्की को सबसे बेहतरीन टैलेंट में से एक माना जा रहा था. लेकिन क्रिकेट खेलते समय उनको 13 बार सिर में गेंद लगी. जिसके बाद उन्हें सिर्फ 27 की उम्र में ही रिटायरमेंट लेना पड़ा.
क्रिकेट के भगवान सचिन 40 की उम्र में हुए रिटायर
जहां एक ओर पुकोस्की सिर्फ 27 की उम्र में रिटायर हो गए. वहीं क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने 40 की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा था. बता दें कि, इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर होने की न कोई उम्र है, न कोई नियम. हर खिलाड़ी अपने मन से रिटायरमेंट की घोषणा करता है. जहां एक ओर पुकोस्की सिर्फ 27 की उम्र में रिटायर हो गए. वहीं क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने 40 की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा था.
भारत के महान क्रिकेटर, जिन्हें विदाई मैच तक नहीं दिया गया
37 साल के चेतेश्वर पुजारा ने 103 टेस्ट मैचों में 7,195 रन बनाए थे. मॉडर्न क्रिकेट में उनकी अपनी एक अलग पहचान थी. दाएं हाथ का यह बल्लेबाज विदाई मैच का हकदार था लेकिन कई अन्य दिग्गजों की तरह इसे भी फेयरवेल मैच खेलने का मौका नहीं दिया गया. उन्होंने बिना फेयरवेल मैच खेले क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया. इस लिस्ट में भारत के कई लीजेंड्स शामिल हैं. इनमें एमएस धोनी, युवराज सिंह, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, वीवीएस लक्ष्मण और महान स्पिनर अनिल कुंबले और शिखर धवन, जिन्होंने अचानक संन्यास के फैसले ने लोगों को हैरान कर दिया था.



