कवर्धा। कवर्धा जिले के भोरमदेव थाने में घुसकर हंगामा करने के मामले में शिक्षक व उसके साथियों को गिरफ्तार किया गया है। यहां हरमो प्रकरण में बर्खास्त पुलिस आरक्षक राजीव वैष्णव के समर्थन में पहुंचे शिक्षक दीपक चंद्रवंशी और उनके साथियों ने थाने में घुसकर हंगामा किया।
इस घटना ने पुलिस महकमे में खलबली मचा दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दीपक चंद्रवंशी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनका जुलूस भी निकाला।
मिली जानकारी के अनुसार, हाल ही में हरमो प्रकरण के चलते पुलिस विभाग ने आरक्षक राजीव वैष्णव को बर्खास्त कर दिया था। इसी कार्रवाई का विरोध करते हुए शिक्षक दीपक चंद्रवंशी और उनके सहयोगी भोरमदेव थाना पहुंच गए। वहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बहस की और जमकर हंगामा किया। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने थाने के अनुशासन को तोड़ते हुए न केवल अभद्रता की बल्कि माहौल बिगाड़ने की भी कोशिश की।
भोरमदेव थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उपद्रवियों को पकड़ा और कड़ी फटकार लगाते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों का जुलूस निकाला, जिससे लोगों में यह संदेश जाए कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
शिक्षक द्वारा की गई हरकत की निंदा
इस घटना से स्थानीय स्तर पर भी हलचल मच गई। लोग यह चर्चा करते नजर आए कि एक शिक्षक जैसे जिम्मेदार पद पर कार्यरत व्यक्ति द्वारा ऐसी हरकत करना बेहद निंदनीय है। समाज में शिक्षक को मार्गदर्शक और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस तरह के आचरण से शिक्षक समाज की छवि धूमिल होती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि थाने में घुसकर उपद्रव करना गंभीर अपराध है और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस अधीक्षक ने भी स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में अनुशासन भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। घटना के बाद से ही कवर्धा जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस विभाग के भीतर भी यह संदेश गया है कि अनुशासनहीनता या अवैध दबाव डालने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी।



