टीआरपी डेस्क। Canara Bank Fraud : मुंबई में ED की टीम ने केनरा बैंक से जुड़े ₹117.06 करोड़ की धोखाधड़ी के सिलसिले में वॉन्टेड आरोपी अमित अशोक थेपड़े को एक फाइव स्टार होटल से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत चल रही जांच के तहत की गई है।

ED के अधिकारियों ने बताया कि वॉन्टेड आरोपी अमित अशोक थेपड़े काफी समय से फरार चल रहा था, लेकिन इसी दौरान ED की टीम को एक खुफिया जानकारी मिली। जिसके आधार पर ED के अधिकारियों ने दक्षिण मुंबई के फाइव स्टार होटल में छापेमारी की और वहां से आरोपी को गिरफ्तार किया।

Canara Bank Fraud : ED के अधिकारियों ने जांच में पाया कि आरोपी पिछले 2 महीनों से उसी होटल में ठहरा हुआ था। जब होटल परिसर में तलाशी के दौरान ₹9.5 लाख नगद , ₹2.33 करोड़ का सोना, सोने और हीरे के आभूषण, 2 वाहन और डिजिटल उपकरण जब्त किए। साथ ही आरोपी से संबंधित 50 से ज़्यादा बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए। जिनमें वित्तीय लेनदेन के महत्वपूर्ण सबूत होने का शक है।

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कोर्ट की कार्यवाही

PMLA की स्पेशल कोर्ट ने आरोपी को 5 दिन के लिए ED की हिरासत में भेज दिया है। ED ने CBI और ACB, पुणे द्वारा गैलेक्सी कंस्ट्रक्शन्स एंड कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड (GCCPL) और मिट्सम एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड (MEPL) के खिलाफ दर्ज 2 FIR के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अमित थेपड़े के स्वामित्व और नियंत्रण वाली दोनों कंपनियों ने विभिन्न अचल संपत्तियों को गिरवी रखकर केनरा बैंक से ऋण सुविधाएं हासिल की थीं।

जांच से पता चला कि आरोपियों ने पहले से बेची जा चुकी संपत्तियों को गिरवी रखकर या उन्हीं संपत्तियों को 2 बार गिरवी रखकर बैंक को धोखा देने की साजिश रची, जिससे उन्हें लोन मिला और बाद में निजी उपयोग के लिए पैसा बैंक से निकाल लिए गए।

Canara Bank Fraud : ED को आगे की जांच से पता चला है कि अमित थेपड़े ने आपराधिक गतिविधियों से प्राप्त अवैध धन को परतों में बांटने और एकीकृत करने के लिए एक जटिल वित्तीय नेटवर्क बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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उसकी गिरफ्तारी व्यापक निगरानी और फोरेंसिक वित्तीय विश्लेषण के बाद हुई है, जिसमें कई ऐसे लेन-देन सामने आए हैं जिनका उद्देश्य अपराध की आय के वास्तविक स्रोत को छिपाना और उसे वैध संपत्ति के रूप में प्रस्तुत करना था। इस मामले में आगे की जांच जारी है।