0 झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर 4.93 लाख की उगाही
दुर्ग। भिलाई में एक महिला ने प्रार्थी को झूठे केस में फंसाने और उसके निजी मैसेज वायरल करने की धमकी देकर मोटी रकम वसूल ली। इस मामले की शिकायत मिलने पर भिलाई नगर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपिया दुर्गावती देवी सिंह उर्फ दुर्गा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी सेक्टर-9, भिलाई निवासी है। उसने दिनांक 24.08.2025 को भिलाई नगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उसने बताया कि आरोपिया दुर्गा सिंह (पता: मकान नंबर 48, स्मृतिनगर, थाना सुपेला) ने उसे धमकाया कि वह उसके साथ हुई बातचीत और निजी मैसेज उसकी पत्नी व अन्य लोगों को दिखाकर बदनाम कर देगी। इसके साथ ही उसने उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी।
हफ्ते भर में वसूले 4 लाख 93 हजार रूपये
आरोपिया ने व्हाट्सएप मैसेज और SMS के माध्यम से लगातार मानसिक दबाव बनाते हुए धमकाया कि यदि उसने बात नहीं मानी, तो वह खुदकुशी कर लेगी और उसके लिए प्रार्थी को जिम्मेदार ठहराएगी। इस डर और दबाव के चलते पीड़ित ने 7 अगस्त से 15 अगस्त 2025 के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल ₹4,93,000 आरोपी महिला को दे दिए।
हिम्मत जुटाकर पहुंचा पुलिस की शरण में
जब प्रार्थी को लगा कि महिला की ब्लैकमेलिंग बढ़ती जा रही है और वह लगातार उसे आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान कर रही है, तो उसने हिम्मत कर पुलिस से संपर्क किया। लिखित शिकायत मिलने पर भिलाई नगर पुलिस ने आरोपिया के खिलाफ सदर धारा के अंतर्गत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि आरोपिया ने बार-बार धमकी देकर वादे के अनुसार रकम वसूली है। उसके खिलाफ BNS की धारा 35(1)(b)(iv) के तहत नोटिस जारी किया गया और बचाव का अवसर दिया गया। लेकिन आरोपी महिला कोई संतोषजनक जवाब या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाई।
पुलिस ने आगे की कार्यवाही में आरोपिया दुर्गा सिंह की पता साजी कर उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान गवाहों के सामने उसका मेमोरेंडम कथन दर्ज किया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला ने अपने बयान में यह स्वीकार किया कि उसने प्रार्थी को मानसिक दबाव में डालकर 4.93 लाख रुपए की रकम ऐंठी है। इसके ठोस सबूत मिलने के बाद पुलिस ने 25 अगस्त 2025 को दोपहर लगभग 3.30 बजे उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।


