टीआरपी डेस्क। Health News : भारत में ब्रेन स्ट्रोक अब एक साइलेंट किलर बन चुका है। इंडियन स्ट्रोक एसोसिएशन (ISA) की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में हर साल करीब 18 लाख लोग ब्रेन स्ट्रोक से जान गंवा रहे हैं। पहले यह बीमारी ज़्यादातर बुजुर्गों में पाई जाती थी, लेकिन अब 30 से 45 साल के युवा भी बड़ी संख्या में इसकी चपेट में आ रहे हैं।

क्या है ब्रेन स्ट्रोक ?

ब्रेन स्ट्रोक उस स्थिति को कहते हैं जब मस्तिष्क को खून और ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हो पाती, जिसके कारण शरीर का पूरा संतुलन बिगड़ जाता है। ब्रेन स्ट्रोक दो प्रकार का होता हैं:

  • इस्केमिक स्ट्रोक
    इस तरह के ब्रेन स्ट्रोक में खून का थक्का (Blood Clot) नस में फंस जाता है और मस्तिष्क तक हो रहे ब्लड फ्लो को रोक देता है।
  • हेमरेजिक स्ट्रोक
    इस ब्रेन स्ट्रोक में मस्तिष्क की नस फट जाती है और खून रिसने से पूरे मस्तिष्क में फैल जाता है।
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इन दोनों ही स्थितियों में मस्तिष्क की कोशिकाएं बहुत ही कम समय में नष्ट होने लगती हैं।

FAST फॉर्मूला का रखे ध्यान

विशेषज्ञ बताते हैं कि ब्रेन स्ट्रोक को पहचानने के लिए “FAST फॉर्मूला” याद रखना चाहिए

  • F (Face) : चेहरा टेढ़ा होना या एक तरफ से सुन्न होना।
  • A (Arm) : हाथ-पैर में अचानक कमजोरी आना।
  • S (Speech) : बोलने या समझने में परेशानी होना।
  • T (Time) : जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचना।

Golden Hour का महत्व

Health News : डॉक्टर्स का कहना है कि स्ट्रोक आने के बाद पहले 3 से 4 घंटे (Golden Hour) में इलाज शुरू कर दिया जाए तो मरीज की जान बचाई जा सकती है और शरीर पर पड़ने वाले स्थायी असर भी कम हो जाते हैं। देर होने पर लकवा, बोलने की क्षमता खोना और याददाश्त कमजोर होना जैसी स्थायी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण

  • तेज सिरदर्द
  • धुंधला या दोहरा दिखना
  • चक्कर आना
  • संतुलन बिगड़ना

ब्रेन स्ट्रोक के प्रमुख कारण

  • हाई ब्लड प्रेशर
  • डायबिटीज़
  • मोटापा
  • हाई कोलेस्ट्रॉल
  • धूम्रपान और शराब
  • स्ट्रेस और अनियमित जीवनशैली
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ब्रेन स्ट्रोक से बचाव

  • ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल में रखें।
  • हेल्दी डाइट (फल, हरी सब्ज़ियां, ओट्स, कम नमक और – – कम तेल वाला खाना) फॉलो करें।
  • नियमित व्यायाम और योग करें।
  • धूम्रपान और शराब से दूरिया बनाएं।
  • तनाव में कम रहें और पर्याप्त नींद लें।
  • सालाना हेल्थ चेकअप करवाते रहें।

विशेषज्ञ की राय

Health News : AIIMS दिल्ली के न्यूरोलॉजी विभाग के डॉ. आर के शर्मा ने जानकारी दी कि “ब्रेन स्ट्रोक अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है। बदलती जीवनशैली, फास्ट फूड, बढ़ता तनाव और देर रात तक जागने की आदत युवाओं को भी इसकी चपेट में ला रही है। समय पर पहचान और तुरंत इलाज से ही मौत और विकलांगता को रोका जा सकता है।”