बिलासपुर/रतनपुर। कानून की रक्षा के लिए तैनात सिपाही अगर कानून तोड़ने लगें तो स्थिति कितनी शर्मनाक हो सकती है। इसका ताजा उदाहरण रतनपुर थाने में पदस्थ दो आरक्षक बने। बीते दिनों कुआंजती गांव में एक कोचिया से 50 लीटर महुआ शराब जब्त करने के बाद आरक्षक संजय खांडे और सुदर्शन मरकाम उसे लेकर पोड़ी गांव में बेक्हने पहुंच गए। ग्रामीणों ने सच्चाई पकड़ ली और दोनों आरक्षकों को बंधक बना लिया।
खुद को फंसते देख इन आरक्षकों ने मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने साफ इनकार कर दिया। भीड़ बढ़ने पर आरक्षकों ने थाने फोन कर मदद मांगी। सूचना मिलते ही पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और दोनों को भीड़ से छुड़ाकर थाने ले आई।
घटना की जांच के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह बिलासपुर ने तत्काल प्रभाव से दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया। आदेश में साफ लिखा गया है कि आरक्षक बिना वर्दी और बिना सूचना के शराब जब्ती कर प्रकरण दर्ज किए बिना ही आरोपी को छोड़कर आए। यह कृत्य अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण की श्रेणी में आता है।
जांच में पता चला कि आरक्षकों ने कोचिया को छोड़ने के एवज में रुपए लेने के साथ ही 50 लीटर शराब भी ले ली। जब्त शराब लेकर दोनों पोड़ी गांव में बेचने पहुंच गए। ग्रामीणों को जब पता चला कि आरक्षक ही शराब बेचने आये हैं तो उन्होंने घेराबंदी कर दोनों आरक्षकों को बंधक बना लिया। इस वाकये से पुलिस की काफी किरकिरी हुई है। इस मामले की जांच रिपोर्ट मिलते ही एसएसपी ने कठोरता दिखाते हुए दोनों आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबित आरक्षक
आरक्षक 1265 संजय खांडे
आरक्षक 1163 सुदर्शन मरकाम



