बिलासपुर। साइबर फ्रॉड से बचने के लिए जागरूकता के तमाम प्रयासों के बावजूद लोग अब भी ठगी का शिकार बन रहे हैं। एसईसीएल के एक रिटायर्ड कर्मी को साइबर ठगों ने तीन महीने तक डिजिटल अरेस्ट पर रखा और दर दिखाकर बारी-बारी से एक करोड़ 9 लाख रुपये वसूल लिए।

महीनों तक उलझाए रखा

साइबर फ्रॉड ने बुजुर्ग को सीबीआई जांच का झांसा दिया और डरा धमकाकर पूरे तीन महीने तक डिजिटल अरेस्ट पर रखा। जीवनभर की गाढ़ी कमाई लुटाने के महीनों बाद कर्मी ने विदेश से लौटे अपने बेटे को आपबीती सुनाई। वृद्ध की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। टीआई निलेश पांडेय ने बताया कि मोपका में रहने वाले पुरुषोत्तम दुबे (72) एसईसीएल के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। उनका बेटा बाहर रहकर जॉब करता है। रिटायर्ड कर्मचारी ने पुलिस को बताया कि जनवरी महीने में उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को सीबीआई का अफसर बताया और कहा कि उन्होंने नौकरी के दौरान घपला किया था, उसकी शिकायत पहुंची है। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने सीबीआई जांच का निर्देश दिया है, लिहाजा हम जांच कर रहे हैं।

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वीडियो कॉल कर डिजिटल अरेस्ट का किया नाटक

कॉलर ने वीडियाे कॉल पर सामान्य पूछताछ के बाद उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इसके बाद उन्हें मामले की जांच और बचाने के नाम पर वसूली शुरू कर दी। जालसाजों ने इस पूरी घटना की जानकारी किसी को देने से मना किया था।

विदेश से बेटा घर लौटा तो हुआ मामले का खुलासा

पीड़ित बुजुर्ग को ठगों ने धमकी भी दी थी कि किसी को इस मामले की जानकारी न दें। बेटे के विदेश में रहने की वजह से उन्होंने किसी से मदद भी नहीं मांगी। कुछ महीने बाद जब पीड़ित का बेटा घर लौटा तो पूरा मामला सामने आया। पीड़ित ने इस पूरे मामले की शिकायत सरकंडा थाने में दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

रूपये खत्म हुए और कॉल आना हुआ बंद

सीबीआई जांच से डरे रिटायर्ड कर्मचारी से जालसाजों ने जनवरी से मार्च के बीच एक करोड़ 9 लाख रुपये की ठगी कर ली। जब उनके रुपये खत्म हो गए तो जालसाजों ने कॉल करना बंद कर दिया। बेटे के बाहर होने के कारण डरे हुए वृद्ध ने घटना की जानकारी किसी को नहीं दी। अगस्त में जब उनका बेटा घर आया तो घटना का जिक्र किया। इसके बाद वृद्ध ने पूरे मामले की शिकायत सरकंडा थाने में की गई। अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

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