टीआरपी डेस्क। IPS Akhil Kumar : कानपुर पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार को केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन में प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में प्रतिनियुक्ति पर बुलाया है। गृह मंत्रालय ने उत्तरप्रदेश के चीफ सेक्रेटरी को इसके लिए पत्र लिखा है।

अखिल कुमार की शैक्षणिक योग्यताएं

कानपुर में पुलिस कमिश्नर का पद संभालने से पहले अखिल कुमार गोरखपुर में ADJ के पद पर तैनात थे। अखिल कुमार ने ग्रेजुएशन में BTech. (Civil) की पढ़ाई करने के बादमास्टर्स में MIA (मास्टर इंटरनल अफेयर) और M.Phil (Defense and Strategy) की डिग्री ली। IPS अखिल कुमार गाजियाबाद, अलीगढ़, गाजीपुर, देवरिया, कन्नौज, कानपुर देहात, इटावा, अमरोहा सहित कई जिलों में एसपी रह चुके हैं।

मूलतः बिहार से हैं अखिल कुमार

IPS अखिल कुमार मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1972 को बेगूसराय में हुआ था। अखिल कुमार के पिता का नाम जितेंद्र प्रसाद है। अखिल कुमार 1994 बैच के UP कैडर के IPS अफसर हैं। फिलहाल अखिल कुमार कानपुर में पुलिस कमिश्नर के पद पर पदस्त है। हालांकि अखिल कुमार ने पहले भी केंद्र सरकार में अपनी सेवाएं दी हैं। साल 2010 में अखिल कुमार DIG मेरठ का पद संभाल रहे थे जब उन्हें केंद्र सरकार ने विदेश और जल संसाधन मंत्रालय में अपनी सेवाएं दी थी।

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डाकू निर्भय गुर्जर का किया एनकाउंटर

IPS Akhil Kumar : अखिल कुमार का 2005 में इटावा में तैनाती के दौरान चंबल के जंगलों में कुख्यात डकैत निर्भय गुर्जर से आमना- सामना हुआ था। निर्भय गुर्जर पर 200 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। निर्भय का गुट अपहरण के मामलों में भी सक्रिय था। उस दौरान मुठभेड़ में अखिल कुमार ने डाकू निर्भय का एनकाउंटर किया था।

अखिल कुमार का ‘ऑपरेशन महाकाल’

IPS Akhil Kumar : कानपुर पुलिस कमिश्नर का चार्ज लेने के बाद IPS अखिल कुमार ने अखिलेश दुबे के खिलाफ ‘ऑपरेशन महाकाल’ शुरू किया। जिसके तहत उन्होंने कई प्रभावशाली आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया। साथ ही इसी ऑपरेशन के तहत कथित वकील दीनू उपाध्याय समेत 12 से ज्यादा दागी अधिवक्ता अब सलाखों के पीछे हैं, जिन पर जमीनों पर कब्जे और रंगदारी का सिंडीकेट चलाने का आरोप है। इसके अलावा वकील अखिलेश दुबे को की गिरफ्तारी ऑपरेशन महाकाल की सबसे बड़ी कार्रवाई थी।

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अखिलेश दुबे मांगी थी ₹50 लाख की रंगदारी

पेश से वकील अखिलेश दुबे खुद की कोर्ट लगता था। जिसमें फैसला भी वह खुद ही सुनाता था। अपने अवैध धंधों और काली कमाई को छुपाकर अपनी ताकत बढ़ाने के लिए अखिलेश ने एक न्यूज चैनल भी शुरू किया था। अखिलेश दुबे के खिलाफ BJP नेता रवि सतीजा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप लगाया गया कि रवि सतीजा पर अखिलेश ने POCSO की झूठी FIR दर्ज कर ₹50 लाख की रंगदारी मांगी थी। जिसके बाद ऑपरेशन महाकाल के तहत अखिलेश दुबे और उसके साथी लवी मिश्रा को गिरफ्तार किया गया।

इन तमाम सफलताओं के और पूर्व में भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए सरहानीय प्रदर्शन के मद्देनजर केंद्र सरकार ने एक बार फिर IPS Akhil Kumar को दोबार प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली बुलाया है, और उन्हे डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन में प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद की जिम्मेदारी सौंपी है।

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