रायपुर। Cg Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार एक्टिव हो गया है. सुबह से ही राजधानी रायपुर में बादल छाए हुए हैं. तेज बारिश की वजह से बस्तर और सुकमा में बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई है. मौसम विभाग ने पूरे छत्तीसगढ़ में बारिश में बढ़ोतरी की संभावना जताई है. वहीं, कुछ जिलों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है.

Cg Weather Update: लगभग 28 जिलों में हल्की बारिश का येलो अलर्ट जारी है. राजधानी रायपुर में आज बादल छाए रहने की संभावना है. साथ ही बारिश की संभावना बनी हुई है. वहीं अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. 2 सितंबर, 2025 के आसपास बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है.

जानिए रेड, ऑरेज और येलो अलर्ट का मतलब ?

मौसम के संबंध में अक्सर सुनने को मिलता है कि, मौसम विभाग ने रेड, येलो और ऑरेज अलर्ट जारी किया है. जिससे लोगों को सचेत रहने में मदद मिलती है. आइए जानते है रेड, येलो और ऑरेज अलर्ट क्या है. ?

See also  टीआरपी स्पेशल: इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कानून न होने के बाद भी पत्नी को दिया कोमा में चल रहे पति के कई अधिकार

येलो अलर्ट (Yellow Alert)

इसका मतलब मौसम बिगड़ने की संभावना से हैं। जो कि लोगों को सचेत रहने के लिए जारी किया जाता है.

ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert)

यह अत्यधिक खराब मौसम की स्थिति का संकेत है, जो लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है. ऐसे में लोगों को खुद को तैयार रखना चाहिए, आवश्यक सामान का स्टॉक करना चाहिए और अनावश्यक यात्राओं से बचना चाहिए.

रेड अलर्ट (Red Alert)

यह मौसम की स्थिति की अत्यंत गंभीर चेतावनी है जो जीवन और संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा सकती है. लोगों को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और मौसम के अनुसार खुद को बचाने के लिए ज़रूरी कदम उठाने चाहिए.

ये अलर्ट भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा भारी बारिश, बाढ़, तूफान, घना कोहरा, या अत्यधिक गर्मी जैसी स्थितियों के लिए जारी किए जाते हैं, ताकि लोगों को संभावित खतरों से बचाने और जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके.

See also  स्वास्थ्य मंत्री ने प्रवासी मजदूरों की वापसी पर विभाग को सतर्क रहने के दिए निर्देश

अब जानें- सितंबर के लिए मौसम विभाग का क्या अनुमान?

मौसम विभाग के मुताबिक, सितंबर 2025 में बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना है. अगर दीर्घावधि औसत की बात करें, तो 109 प्रतिशत के करीब बारिश होने की आशंका जताई गई है। देश के अधिकतर हिस्सों में सामान्य या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है।
हालांकि, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ भागों, सुदूर दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कई क्षेत्रों और सुदूर उत्तरी भारत के कुछ भागों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। आईएमडी के मुताबिक, 1971 से 2020 के बीच भारत में सितंबर में बारिश का औसत आंकड़ा 167.9 मिमी रहा है।