बिलासपुर। प्रदेशभर में खस्ताहाल सड़कों को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शासन से सवाल पूछते हुए कहा कि, सड़कें दुरुस्त कराने में कितना समय लगेगा, आपकी स्टडी कब तक चलेगी। सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने शासन को दो सप्ताह भीतर फोटो के साथ रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
बिलासपुर शहर की मुख्य सड़कों पर गड्ढा
रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर सड़क दुर्दशा का रोना रो रही है। इसके अलावा, बिलासपुर शहर की मुख्य सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे है, साथ ही, ब्लैक स्पॉट बने हुए हैं, जिसकी वजह से आए दिन जानलेवा हादसे हो रहे हैं। सुनिता उपाध्याय और अरविन्द राजपूत की जनहित याचिका पर भी हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने लोकनिर्माण और एनएचएआई समेत एनटीपीसी और एसईसीएल जैसे बड़े संस्थानों को भी जवाबदेह ठहराया। हाईकोर्ट ने कहा कि, सुधार केवल कागजों पर नहीं बशर्ते जमीनी स्तर पर भी दिखना चाहिए। कोर्ट ने कहा था कि इसके साथ ही कई जगह ब्लैक स्पॉट बन गए हैं, रिसर्च और रिपोर्ट का इंतजार किए बगैर ही तत्काल काम शुरू करें।
दुर्घटना में जा रही लोगों की जान
सीजेस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरू की डिवीजन बेंच में हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि, सारी सड़कों की हालत बहुत खराब है, लोग उस पर चलते हुए गिर जाते हैं, “दुर्घटन में लोगों की जान जा रही है। आप कब तक सब ठीक कर सकेंगे।



