रायपुर। छत्तीसगढ़ के अलावा सेन्ट्रल इंडिया में दुर्लभ प्रवासी कैस्पियन प्लोवर की तस्वीरें खींचने का पहला रिकार्ड वाइल्डलाइफ फोटोजर्नलिस्ट सत्यप्रकाश पांडेय के नाम हो गया है। यह पक्षी भारत में वाक़ई बेहद दुर्लभ प्रवासी माना जाता है। आमतौर पर यह यहाँ सिर्फ़ सर्दियों या प्रवास के दौरान थोड़े समय के लिए दिखाई देता है। भारत में इसकी रिपोर्ट बहुत ही कम होती है, इसलिए पक्षी प्रेमियों के लिए यह एक “स्पेशल साइटिंग” होती है। यह पक्षी मध्य एशिया (विशेषकर कैस्पियन सागर के आसपास, रूस, कज़ाख़िस्तान, मंगोलिया) के खुले घास के मैदानों और स्टेपीज़ (steppes) में पाया जाता है। सर्दियों में यह अफ्रीका (पूर्वी और दक्षिणी भाग) तथा भारतीय उपमहाद्वीप तक प्रवास करता है।
Caspian plover (Anarhynchus asiaticus) इस बेहद ख़ास और दुर्लभ पक्षी का छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे मध्य भारत ( central India) में यह पहला रिकॉर्ड है जब इसे वाइल्डलाइफ फोटोजर्नलिस्ट सत्यप्रकाश पांडेय ने तस्वीरों और वीडियो में रिकार्ड किया है। इस पक्षी के बिलासपुर जिले की सरहद में उतरने की खबर आज जब पक्षी मित्रों के बीच फैली तो मोहनभाठा में पक्षी प्रेमियों और फोटोग्राफरों का सुबह से देर शाम तक मजमा लगा रहा।
सत्यप्रकाश पांडेय कहते हैं कि ”मोहनभाठा, कहने को तो बंजर भूमि है मगर प्रवासी, अप्रवासी पक्षियों के अलावा अन्य जीव जंतुओं के लिए जन्नत से कम नहीं है। एक ऐसी भूमि, जो किसी को खाली हाथ नहीं लौटाती।” उसी जन्नत से वाइल्डलाइफ फोटोजर्नलिस्ट सत्यप्रकाश पांडेय ने कुछ तस्वीरें खींची हैं। तस्वीर भी किसी आम पक्षी की नहीं बल्कि बेहद दुर्लभ प्रवासी कैस्पियन प्लोवर की। इस पक्षी का मोहनभाठा में दिखाई देना किसी आश्चर्य से कम नहीं, अनुकूल परिस्थितियां देखकर यह पक्षी मोहनभाठा में उतरा।
बता दें कि अब तक भारत में इस दुर्लभ प्रवासी पक्षी को दिल्ली (Delhi), गोवा (Goa), महाराष्ट्र (Maharashtra), पुडुचेरी (Pondicherry), तमिलनाडु, केरल, मुंबई क्षेत्र (Uran, Navi Mumbai) और गुजरात (Little Rann of Kutch, Surendranagar) 2007, और 2025 में रिकार्ड किया गया है।



