बिजली बिल घोटाला : 24 लाख की हेराफेरी मामले में पति सहित JE पर दर्ज कराई गई थी FIR, अब फिर से वहीं हुई बहाली

बिलासपुरबेलतरा के भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने आरडीएसएस (रीवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) योजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को शिकायत पत्र लिखकर सचिव स्तर की जांच टीम गठित कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

विधायक शुक्ला का कहना है कि बिलासपुर संभाग में लगभग 300 करोड़ की गड़बड़ी हुई है, जिनमें सिर्फ बिलासपुर जिले में ही 35 करोड़ रुपये से अधिक का सीधा भ्रष्टाचार सामने आया है।

दरअसल बिजली चोरी रोकने और लाइन लॉस कम करने के लिए केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत एरियल बंच केबल (एबीसी) लगाने का काम कराया गया। इसका जिम्मा पुणे की एसटी इलेक्ट्रिकल कंपनी को सौंपा गया था और जनवरी 2025 तक समयसीमा तय की गई थी। विधायक का आरोप है कि कंपनी ने समय पर काम पूरा नहीं किया। नियमों के अनुसार पेनल्टी लगाने और ठेका रद्द करने के बजाय अधिकारियों ने गैरकानूनी तरीके से काम तीन अन्य कंपनियों, जय हिंद एनर्जी, शारदा कंस्ट्रक्शन और सिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को सबलेट कर दिया।

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फर्जी बिलिंग और घटिया सामग्री का उपयोग

शुक्ला का आरोप है कि योजना में 35 करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी की गई है। फर्जी बिलिंग और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और सबलेट प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किया गया है।

बड़े अफसर को बचाने कनिष्ठ को निपटाया

विधायक शुक्ला ने यह भी कहा कि बिलासपुर जिले में प्रोजेक्ट कार्यपालन यंत्री को बचाने के लिए केवल सहायक यंत्री को निलंबित कर औपचारिक कार्रवाई की गई, जबकि अन्य जिलों में कार्यपालन यंत्रियों को निलंबित किया गया है। उनका आरोप है कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण रही और महज दो दिन में दोषियों को क्लीन चिट दे दी गई।