भोपाल। मध्य प्रदेश में मोहन सरकार के दो साल पूर्ण होने वाले हैं। इस बीच, सीएम मंत्री-विधायकों से 20 महीने का हिसाब लेने वाले हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री विधायकों के साथ वन-टू-वन बैठकें करेंगे।

साथ ही, विभागवार समीक्षा भी करेंगे। जिसमें दो से चार के रोडमेप की समीक्षा होगी। रात्रि विश्राम और चौपाल लगाने की रिपोर्ट भी देखी जाएंगी। जिस जिले के मंत्री प्रभारी बनाए गए हैं, उनके दौरे की भी समीक्षा होगी।

सरकार की योजनाओं के मामलों का निपटारा और विभागीय नवाचार भी देखा जाएगा। प्रशासनिक अधिकारी और कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार का तालमेल भी देखा जाएगा।

जानकारी के अनुसार, कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के बाद मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठकों का शेड्यूल जारी किया जाएगा। संभावना है कि अक्टूबर में इन बैठकों की शुरुआत हो सकती है।

बैठकों में मंत्रियों की उपलब्धियों, विभागीय कामकाज, योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता से संवाद पर विशेष फोकस रहेगा। इसके आधार पर आगामी फेरबदल पर फैसला लिया जाएगा।

See also  मोहन कैबिनेट में लिया गया अहम फैसला : सिविल सेवा में महिलाओं को 35% आरक्षण, 50 साल की उम्र तक बन सकेंगे असिस्टेंट प्रोफेसर