ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां आरोपियों ने डॉ. दिनेश कुमार मजूमदार के म्यूचुअल फंड अकाउंट से छेड़छाड़ कर 50 लाख रुपये की ठगी करने की कोशिश की। साइबर क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रांजेक्शन होने से पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की कार्रवाई

बहोड़ापुर निवासी डॉ. दिनेश कुमार मजूमदार ने SSP धर्मवीर सिंह को शिकायत दी कि उनके म्यूचुअल फंड अकाउंट में अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बदलकर 50 लाख रुपये ट्रांसफर करने की कोशिश की। SSP ने तुरंत साइबर क्राइम ब्रांच को जांच के निर्देश दिए। साइबर पुलिस ने अकाउंट पर डेबिट फ्रीज लगाकर ट्रांजेक्शन रोक दिया और तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी निकेश रावत को गिरफ्तार किया, जिसका नंबर फर्जी रूप से अकाउंट में रजिस्टर्ड था।

मास्टरमाइंड का खुलासा

जांच में पता चला कि ठगी का मास्टरमाइंड ICICI म्यूचुअल फंड सिटी सेंटर ऑफिस के कर्मचारी मयंक राजपूत और सचित त्रिपाठी हैं। दोनों फरियादी के म्यूचुअल फंड अकाउंट को पहले से संभाल रहे थे। पूछताछ में मयंक ने खुलासा किया कि उसने नए निवेश के बहाने डॉ. मजूमदार से डिटेल्स अपडेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर करवाए, जिसके बारे में फरियादी को जानकारी नहीं थी।

See also  52 साल पुराने नवीन मार्केट की बदलेगी सूरत

ठगी का जाल

आरोपियों ने फर्जी एप्लिकेशन बनाकर डॉ. मजूमदार के नाम से मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बदल दी। फर्जी दस्तावेजों से खरीदी गई सिम को रजिस्टर्ड कर बैंकिंग डिटेल्स बदलने की कोशिश की गई ताकि म्यूचुअल फंड की राशि अन्य खातों में ट्रांसफर की जा सके। साइबर पुलिस ने समय रहते अकाउंट पर होल्ड लगाकर ठगी को नाकाम कर दिया।

जब्त सामग्री और कार्रवाई

पुलिस ने आरोपियों के पास से फर्जी सिम, मोबाइल और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। तीनों आरोपियों—मयंक राजपूत, सचित त्रिपाठी और निकेश रावत के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।