MITANIN: टीआरपी न्यूज। प्रदेश के गांव गांव में बच्चों, महिलाओं को सुविधाएं उपलब्ध कराने में मितानिनों की मेहनत मायने रखतीं है। एक तरह से छत्तीसगढ़ की रीढ़ है मितानिनें। शीघ्र ही मितानिनों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। उक्त बातें स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पं.दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के एपिडेमियोलॉजी ब्लॉक में आयोजित मास्टर ट्रेनर कार्यक्रम के समापन पर कही। कार्यक्रम का आयोजन 8 सितंबर से 13 सितंबर तक आयोजित किया गया।
राज्य स्तरीय मास्टर प्रशिक्षण कार्यशाला
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यों को प्रभावी बनाने राज्य स्तरीय मास्टर प्रशिक्षण कार्यशाला (State Level Master Training Workshop)में मितानिन कार्यक्रम के कार्यक्रम समन्वयक, जिला समन्वयक एवं एरिया कोऑर्डिनेटर सहित कुल 36 प्रतिभागी शामिल हुए। मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि मितानिन कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की रीढ़ है, और इसे सशक्त बनाने के लिए ऐसे प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने मितानिन कार्यक्रम को राज्य का सबसे महत्वपूर्ण सामुदायिक स्वास्थ्य अभियान बताते हुए कहा कि इसे पूरी दुनिया सामुदायिक आधारित स्वास्थ्य देखभाल के सफल मॉडल के रूप में मान्यता दे चुकी है।
डिजीटली मजबूत होंगी मितानिनें
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मितानिनों के प्रशिक्षण, मानदेय, उपकरण और डिजिटल साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और सामुदायिक सशक्तिकरण पर निरंतर ध्यान केंद्रित कर रही है। सशक्त मास्टर ट्रेनर समुदाय और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच की दूरी को कम करेंगे और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप काम करेंगे।
इस मौके पर आयुष यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. पी.के. पात्रा, संचालक SIHFW सुरेश पांडेय, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी.पी. राजेश्वरन और राज्य नोडल अधिकारी डॉ. अजय शंकर कन्नौजे मौजूद रहे। यह कार्यशाला स्टेट हेल्थ सिस्टम रिसर्च सेंटर (SHSRC) एवं सोसाइटी फॉर एक्शन फॉर कम्युनिटी हेल्थ (SACH)द्वारा NHM एवं DHS के सहयोग से आयोजित की गई।
प्रशिक्षण में विशेषज्ञ डॉ. संजीव उपाध्याय, डॉ. हरीश एवं अन्य ने प्रतिभागियों को नई प्रशिक्षण पद्धतियों, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, जागरूकता और कौशल वृद्धि पर मार्गदर्शन दिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मास्टर ट्रेनर्स तैयार करना है, जो आगे चलकर ब्लॉक और जिला स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित करेंगे और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाएंगे।


