सोमवार को दोपहर छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक होटल क्लार्क इन में हुई।


0 प्रदेशभर से आए 500 से अधिक ठेकेदारों ने अधिकारियों की मनमानी पर आक्रोश जताया

0 विविध मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से करेंगे मुलाकात
Contractor distressed’: टीआरपी न्यूज। प्रदेशभर के ठेकेदारों ने अधिकारियों की मनमानी पर आक्रोश जताते हुए कहा है कि उन्हें महीनों से भुगतान नहीं किया जा रहा है। साथ ही अधिकारियों द्वारा तरह-तरह से परेशान किया जाता है। कार्य हो जाने के बावजूद भुगतान के लिए महीनों तक घुमाया जाता है। रिश्वत लिए बिना अधिकारी बिल पास नहीं करते। स्वयं का पैसा लगाकर ठेकेदार इस उम्मीद से कार्य करते हैं कि कम से कम कार्य होने के बाद भुगतान हो जाएगा। लेकिन, अधिकारी अपनी मनमानी करते हैं। अधिकारी टेंडर में हेराफेरी भी करते हैं। अधिकारियों के रवैये के कारण सरकार बदनाम हो रही है।
ऐसी ही ढेरो शिकायतें प्रदेशभर से आए ठेकेदारों ने की। मंगलवार को दोपहर छत्तीसगढ़ कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय बैठक होटल क्लार्क इन में हुई। बैठक में ठेकेदारों ने अधिकारियों की मनमानी पर आक्रोश जताया। प्रदेश स्तरीय बैठक में अनेक शहरों के ठेकेदारों ने कई महीनों से भुगतान न होने, कार्य में आ रही परेशानी को लेकर अपनी समस्या बताई। समस्याओं पर चर्चा करके एक राय से निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री सहित मुख्य सचिव आदि उच्चाधिकारियों से मिलकर शिकायत करेंगे। मांगों को लेकर प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा।

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अधिकारी राज स्थापित


ठेकेदारों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि भुगतान के लिए जब विभाग में अर्जी लगाते हैं तो अधिकारी जानबूझकर तरह-तरह के सवालों से परेशान करते हैं, अनेक अधिकारी तो खुलकर रिश्वत की मांग करते हैं, यदि ठेकेदार रिश्वत न दे तो उनकी भुगतान फाइल अटकी रह जाती है। अधिकारी राज स्थापित हो चुका है। ठेकेदारों को ब्लैकमेल किया जाता है। हकीकत यह है कि आठ महीनों से भुगतान नहीं हुआ है।

अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश


ठेकेदारों का कहना था कि ठेकेदार यदि एकजुट होकर अधिकारियों की मनमानी का विरोध करें तभी समस्या का समाधान हो सकता है। कुछ ठेकेदार अपना काम निकालने के लिए अधिकारियों की चाटुकारिता करते हैं, यदि एसोसिएशन एकजुट हो जाए तो अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लगाया जा सकता है। बैठक में अनेक ठेकेदारों ने यह भी कहा कि हम सब केवल भाषणबाजी न करें बल्कि भविष्य में परेशान न होना पड़े इसलिए कठोर निर्णय लेकर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाएं। जगदलपुर, कांकेर, कवर्धा, बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग सहित अनेक जिलों से आए ठेकेदारों का कहना था विकास की बातें केवल कागजों में होती है। ठेकेदार सही काम करना चाहते हैं, लेकिन अधिकारी करने ही नहीं देते। कुछ ठेकेदार अपने फायदे के लिए अधिकारियों की जी हुजूरी करते हैं, इससे अन्य ठेकेदार बदनाम होते हैं।

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मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत
टीआरपी न्यूज से बातचीत में छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेश शुक्ला ने बताया कि प्रदेशभर के ठेकेदार एकजुट हो चुके हैं, मुख्यमंत्री सहित अन्य अधिकारियों से मुलाकात करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही लोक निर्माण मंत्री अरुण साव, पंचायत एवं ग्रामहीण विकास मंत्री विजय शर्मा से भी मुलाकात करके अपनी समस्या बताएंगे। अधिकारियों की मनमानी नहीं चलने देंगे। बैठक में लोक निर्माण विभाग, जल जीवन मिशन, जल संसाधन विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मंडी बोर्ड सहित अनेक विभाग के ठेकेदार शामिल रहे।
’विकास कार्य ठप्प’
ठेकेदारों का भुगतान नहीं होने के कारण विकास कार्य ठप्प हो रहा है। केवल बस्तर संभाग के ही ठेकेदारों का लगभग 800 करोड़ से ज्यादा का भुगतान बाकी है।


’ विभागीय अधिकारियों की प्रताड़ना’
स्पॉट इंस्पेक्शन के नाम पर अधिकारी दिन में नहीं बल्कि रात में टॉर्च की रोशनी में मुआयना करते हैं। ठेकेेदारों को बुलाया नहीं जाता, उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। तरह तरह से नोटिस थमाया जा रहा है। ठेकेदार जीएसटी की नियमावली से भी परेशान है, उप पर करोड़ों रुपए का कर्ज हो चुका है अब और कर्ज लेकर काम करने में असमर्थ हैं, आर्थिक स्थिति जर्जर हो चुकी है। ठेकेदारों की कंपनी में काम करने वाले इंजिनियर और मजदूर बेरोजगार हो चुके हैं।

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अड़चन दूर करे भाजपा संगठन और सरकार

ठेकेदारों ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करना चाहिए। मुख्यमंत्री के अधीन जल संसाधन विभाग है, उस विभाग में भी महीनों से भुगतान रुका हुआ है। छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन को भी इसे संज्ञान में लेना चाहिए कि आखिर क्या स्थिति है कि सरकार ठेकेदारों का भुगतान नहीं कर पा रही है, कहां अड़चन आ रही है उसे कैसे दूर किया जा सकता है, इस पर संगठन को भी सरकार से बात करना चाहिए।